कारोबारी हत्याकांड का मुख्य आरोपी ‘संजय ढाबा’ मुठभेड़ में गिरफ्तार, 58 मुकदमों का है हिस्ट्रीशीटर

कारोबारी हत्याकांड का मुख्य आरोपी ‘संजय ढाबा’ मुठभेड़ में गिरफ्तार, 58 मुकदमों का है हिस्ट्रीशीटर

कानपुर। काकादेव के ओम चौराहे पर कारोबारी अमित कुमार की ईंट-पत्थर से कूंचकर हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हिस्ट्रीशीटर संजय सिंह चौहान उर्फ संजय ढाबा को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पनकी-सचेंडी बॉर्डर पर रविवार शाम हुई मुठभेड़ में पुलिस की गोली उसके दोनों पैरों में लगी। घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के मुताबिक संजय ढाबा बेहद शातिर और पेशेवर अपराधी है। उसके खिलाफ गुजैनी, कल्याणपुर, फजलगंज, नवाबगंज, काकादेव, बिठूर, कोतवाली, पनकी और स्वरूपनगर थानों में कुल 58 मुकदमे दर्ज हैं। डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी पिस्टलों का सप्लायर भी है। इसके अलावा बिठूर, उन्नाव, शुक्लागंज और जाजमऊ क्षेत्र में अवैध सट्टा-जुआ की बुक संचालित कराने की बात भी जांच में सामने आई है। पनकी समेत कई थाना क्षेत्रों में उसके खिलाफ लूटपाट के मामले भी दर्ज हैं।
पुलिस पर फायरिंग के बाद दोनों पैरों में लगी गोली
डीसीपी के अनुसार सर्विलांस के जरिए रविवार शाम संजय ढाबा की लोकेशन मिली थी। पुलिस टीम ने पनकी-सचेंडी बॉर्डर के पास उसे घेर लिया। पुलिस का दावा है कि घिरने के बाद आरोपी ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से हथियार भी बरामद किए हैं। मामले में फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
विरोध करने पर ईंट-पत्थर से कूंचा था सिर
नवीननगर पुरानी बस्ती निवासी कारोबारी अमित कुमार पांच सितंबर की रात करीब 11:30 बजे सुधा मार्केट के बाहर पानी पीने गए थे। इसी दौरान ओम चौराहे पर शास्त्रीनगर निवासी हिस्ट्रीशीटर हितेंद्र श्रीवास्तव उर्फ मोनू नेता, कुशल श्रीवास्तव, संजय ढाबा और अश्विनी यादव कथित तौर पर शराब के नशे में गाली-गलौज कर रहे थे।
आरोप है कि इनमें से एक व्यक्ति चौराहे के बीच पेशाब करने लगा। अमित ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उन्हें घसीटकर पीटा और ईंट-पत्थर से सिर कूंच दिया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
बचने के लिए बनवाया था निर्दोष होने का वीडियो
पुलिस पूछताछ में संजय ढाबा ने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने सोशल मीडिया पर खुद को निर्दोष बताते हुए वीडियो वायरल किया था। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक, आरोपी ने पूछताछ में दावा किया कि जेल में बंद गैंगस्टर आरोपी अवनीश दीक्षित की सलाह पर उसने यह वीडियो बनाकर प्रसारित किया था। उसे आगे संरक्षण देने का आश्वासन भी दिए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मामले की विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर आवश्यक नाम भी जोड़े जाएंगे।
परिजनों ने जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी
कारोबारी अमित की पत्नी शिवानी, बेटे रुद्र प्रताप और अर्पित ने पुलिस से अन्य पेशेवर अपराधियों को भी जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की है। वारदात के तीसरे दिन परिजनों ने सैकड़ों लोगों के साथ कैंडिल मार्च निकाला था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा।
डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि संजय ढाबा के आपराधिक इतिहास और उसके नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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