कानपुर में छाए बादल, हवाओं ने दी राहत, बारिश के आसार

दोपहर बाद गरज-चमक के साथ तेज बौछार की संभावना, लो-प्रेशर और ट्रफ लाइन के असर से बदलेगा मौसम
कानपुर। शहर में सोमवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहने और हवाएं चलने से मौसम सुहावना बना हुआ है। सुबह के समय तापमान में कुछ राहत महसूस हुई, लेकिन बारिश के बाद भी उमस से पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक दोपहर बाद या शाम के समय शहर के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान अचानक मौसम में बदलाव की भी संभावना जताई गई है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार मानसून अभी सक्रिय है। क्षेत्र में लो-प्रेशर एरिया बना हुआ है, जबकि मानसून की ट्रफ लाइन उत्तर प्रदेश से होकर गुजर रही है। इन मौसमी परिस्थितियों के प्रभाव से आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। दोपहर के बाद वातावरण में नमी बढ़ने पर कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
25 से 37 प्रतिशत तक बारिश की संभावना
मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक सोमवार को बारिश की संभावना अलग-अलग क्षेत्रों में 25 से 37 प्रतिशत तक बनी हुई है। कहीं हल्की बारिश हो सकती है तो कुछ स्थानों पर तेज बौछारें भी पड़ने की संभावना है। बारिश के दौरान हवाओं की गति बढ़ने से तापमान में अस्थायी गिरावट आ सकती है, लेकिन बारिश थमने के बाद उमस फिर परेशान कर सकती है।
दिन का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। वातावरण में नमी अधिक होने के कारण तापमान सामान्य से कम महसूस होने के बावजूद चिपचिपी गर्मी का असर बना रह सकता है।
रविवार को तेज धूप ने बढ़ाई थी उमस
रविवार को सुबह आसमान में हल्के बादल रहे, लेकिन दिन चढ़ने के साथ तेज धूप निकल आई। इससे तापमान बढ़ने के साथ उमस ने लोगों को परेशान किया। शाम के समय मौसम में बदलाव हुआ और ठंडी हवाएं चलने से लोगों को कुछ राहत मिली।
सीएसए की रिपोर्ट के अनुसार रविवार को कानपुर में अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक था। अधिकतम सापेक्षिक आर्द्रता 86 प्रतिशत दर्ज की गई।
अचानक बदल सकता है मौसम
सोमवार को बादलों की आवाजाही के बीच शहर में मौसम का मिजाज अचानक बदल सकता है। कुछ इलाकों में बारिश होने के बावजूद आसपास के क्षेत्रों में मौसम शुष्क रह सकता है। गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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