गंगापुल पर 10 किमी लंबा जाम, डायवर्जन से पहले ही बिगड़े हालात

गंगापुल पर 10 किमी लंबा जाम, डायवर्जन से पहले ही बिगड़े हालात

कानपुर। कानपुर-उन्नाव गंगापुल पर शुक्रवार रात यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। पुल पर करीब 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे से रामादेवी चौराहे तक पहुंचने में वाहन चालकों को डेढ़ से दो घंटे तक का समय लगा। देर रात तक हाईवे पर वाहन रेंगते रहे और हजारों लोग जाम में फंसे रहे। पुल की मरम्मत के लिए 13 सितंबर से जाजमऊ की ओर पुल पर यातायात बंद कर डायवर्जन का दो दिन ट्रायल किया जाना है। ऐसे में शुक्रवार रात के जाम ने आने वाले दिनों में यातायात व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

पुल पर गड्ढों के कारण धीमी हुई रफ्तार

शुक्रवार रात उन्नाव की तरफ गंगापुल के पास अचानक वाहनों की रफ्तार थम गई। पुल पर कई जगह गड्ढे होने के कारण वाहन बेहद धीमी गति से निकल रहे थे। कुछ ही देर में वाहनों की कतार लंबी होती चली गई और देखते ही देखते करीब 10 किलोमीटर तक जाम लग गया।

जाम के दौरान पुल और आसपास यातायात संभालने के लिए पुलिसकर्मी भी कम नजर आए। इससे वाहन चालकों में नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने उन्नाव पुलिस पर यातायात व्यवस्था को लेकर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि जब डायवर्जन शुरू भी नहीं हुआ है, तब यह स्थिति है तो आने वाले महीनों में हालात कितने चुनौतीपूर्ण होंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

13 सितंबर से डायवर्जन का दो दिन ट्रायल

पुराने गंगा पुल की मरम्मत का काम उन्नाव की तरफ से शुरू किया जाना है। इसके चलते 13 सितंबर से दो दिन तक डायवर्जन का ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान लखनऊ से कानपुर आने वाले भारी वाहनों को पुराने गंगा पुल से गुजरने की अनुमति नहीं होगी। वहीं कानपुर से लखनऊ जाने वाले वाहनों के लिए नया गंगा पुल खुला रहेगा।

50 से ज्यादा साइन बोर्ड लगाने की तैयारी

एनएचएआई की ओर से डायवर्जन की जानकारी वाहन चालकों तक पहुंचाने के लिए टोल प्लाजा, प्रमुख स्थानों और आसपास के रास्तों पर 50 से ज्यादा साइन बोर्ड लगाने की तैयारी की गई है। हाईवे पर वालंटियर्स की भी तैनाती की जाएगी, ताकि वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों की जानकारी दी जा सके और यातायात को नियंत्रित करने में मदद मिले।

दो दिन के ट्रायल में परखी जाएगी व्यवस्था

एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज यादव के अनुसार, दो दिन के ट्रायल के दौरान वैकल्पिक रास्तों पर यातायात के दबाव, भारी वाहनों की आवाजाही और जाम की संभावित जगहों का आकलन किया जाएगा। ट्रायल के दौरान सामने आने वाली दिक्कतों के आधार पर जरूरत पड़ने पर डायवर्जन व्यवस्था में बदलाव भी किया जाएगा। फिलहाल शुक्रवार रात का जाम प्रशासन और एनएचएआई के लिए चेतावनी जैसा है। डायवर्जन शुरू होने से पहले यदि यातायात प्रबंधन को लेकर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए तो गंगापुल और आसपास के हाईवे पर जाम की समस्या और गंभीर हो सकती है।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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