पंचायत सचिवालय में हुई पीडीए की बैठक, निजी व्यक्ति का भी दिखा दबदबा

पंचायत सचिवालय में हुई पीडीए की बैठक, निजी व्यक्ति का भी दिखा दबदबा

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद दलेलपुर पंचायत सचिवालय चर्चा में, राजनीतिक बैठक और निजी व्यक्ति के मुख्य कुर्सी पर बैठने पर उठे सवाल

कानपुर: विकासखंड बिधनू की ग्राम पंचायत दलेलपुर स्थित पंचायत सचिवालय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। वायरल वीडियो में पंचायत भवन के अंदर पीडीए बैठक होती दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वहीं वीडियो और सामने आई तस्वीरों में अभिषेक पाल नाम के एक निजी व्यक्ति की पंचायत सचिवालय में सक्रिय मौजूदगी भी नजर आ रही है।

वायरल वीडियो के अनुसार, पंचायत भवन में आयोजित पीडीए बैठक की बात सामने आई है। बैठक के दौरान पंचायत सचिव दीपा सिंह और ग्राम प्रधान की मौजूदगी भी बताई जा रही है। वीडियो में बैठक के बाद पंचायत भवन के अंदर लंच पैकेट वितरित किए जाने की बात भी सामने आई है। इसके बाद सरकारी पंचायत भवन में राजनीतिक गतिविधि आयोजित किए जाने को लेकर मामला चर्चा में आ गया है।

वहीं पंचायत सचिवालय से सामने आई तस्वीरों में अभिषेक पाल सरकारी कार्यालय के भीतर कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं। उनके आसपास पंचायत सचिव दीपा सिंह और ग्राम प्रशासक पति राजनारायण साहू की मौजूदगी भी दिखाई दे रही है। वायरल वीडियो और तस्वीरों के सामने आने के बाद ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर चर्चा है कि पंचायत सचिवालय में निजी व्यक्ति की इतनी सक्रिय भूमिका किस आधार पर है।

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सचिवालय सरकारी योजनाओं, अभिलेखों और ग्रामीणों से जुड़े प्रशासनिक कार्यों के संचालन के लिए निर्धारित है। ऐसे में यदि कोई निजी व्यक्ति वहां बैठकर सरकारी कामकाज में भूमिका निभाता है तो उसकी अधिकृत स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। ग्रामीण यह भी जानना चाहते हैं कि अभिषेक पाल को पंचायत सचिवालय में बैठने अथवा किसी प्रकार के सरकारी कार्य में शामिल होने की अनुमति किस स्तर से मिली।

वायरल वीडियो के बाद राजनीतिक बैठक पर भी चर्चा

वायरल वीडियो में पंचायत भवन के अंदर पीडीए बैठक दिखाई देने का दावा किए जाने के बाद सरकारी भवन के इस्तेमाल को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि बैठक में पीडीए से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई और इसका नेतृत्व अभिषेक पाल ने किया।

बैठक के दौरान पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान की मौजूदगी तथा बैठक के बाद लंच पैकेट वितरण की बात भी सामने आई है। ऐसे में सरकारी पंचायत भवन में राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने के नियम और इसकी अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट किया जाना जरूरी माना जा रहा है।

जांच से साफ होगी तस्वीर

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और सामने आई तस्वीरों के बाद दलेलपुर पंचायत सचिवालय को लेकर दो प्रमुख बिंदु चर्चा में हैं। पहला, सरकारी पंचायत भवन में राजनीतिक बैठक का आयोजन और दूसरा, पंचायत सचिवालय में निजी व्यक्ति की सक्रिय मौजूदगी।

ग्रामीणों का कहना है कि उच्चाधिकारी वायरल वीडियो और पूरे मामले की जांच कर यह स्पष्ट करें कि पंचायत भवन में बैठक आयोजित करने की अनुमति थी या नहीं और अभिषेक पाल की पंचायत सचिवालय में क्या अधिकृत भूमिका है।

फिलहाल वायरल वीडियो की वास्तविकता, बैठक की अनुमति और निजी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। मामले में प्रशासन की ओर से क्या संज्ञान लिया जाता है और जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है, इस पर लोगों की नजर बनी हुई है।

मामले में भारतीय जनता पार्टी के कानपुर ग्रामीण से जिला अध्यक्ष उपेंद्रनाथ पासवान ने बताया कि सरकारी भवन में बैठक करना नियम विरुद्ध है। यदि कोई साक्ष्य मिलते हैं तो इस संबंध में उच्च अधिकारियों से बात की जाएगी।

वहीं जिला विकास अधिकारी कानपुर नगर आत्म प्रकाश रस्तोगी ने बताया कि वायरल वीडियो मेरे संज्ञान में नहीं आया है फिर भी यदि वीडियो आता है तो उसकी जांच कर संबंधित खिलाफ कार्रवाई करेंगे क्योंकि सरकारी संस्थान में किसी भी प्रकार की राजनीतिक बैठक नियम विरुद्ध है।

वहीं पंचायत में निजी व्यक्ति के बैठने के संबंध में उन्होंने बताया कि इसकी भी जांच की जाएगी क्योंकि सरकारी संस्थान में किसी अनाधिकृत व्यक्ति का कार्य करना भी नियम के विरुद्ध इसकी जांच कर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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