यूपी में रुक सकता है 62,000 सरकारी कर्मचारियों का वेतन
यूपी में रुक सकता है 62,000 सरकारी कर्मचारियों का वेतन
मिशन कर्मयोगी पोर्टल पर एक भी कोर्स पूरा नहीं किया, 11 सितंबर तक पूरा करने का टारगेट
लखनऊ। मिशन कर्मयोगी को लेकर यूपी सरकार ने अब सख्ती शुरू कर दी है। प्रदेश के करीब 62 हजार सरकारी कर्मचारियों ने पोर्टल पर अब तक एक भी कोर्स पूरा नहीं किया है। 7 सितंबर तक की रिपोर्ट के मुताबिक, 19.13 लाख कर्मचारी पोर्टल से जुड़ चुके हैं। इनमें 62,212 कर्मचारी अभी इनएक्टिव हैं।
अब शासन ने सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को 11 सितंबर तक दो कोर्स पूरा करने का लक्ष्य दिया है। इसके लिए शाम 4 बजे तक की डेडलाइन तय की गई है। तय समय तक कोर्स पूरा नहीं करने वाले कर्मचारियों का वेतन रोका जा सकता है।
19.13 लाख कर्मचारी जुड़े, 62 हजार ने शुरू नहीं किया कोर्स
शासन की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में कुल 19,13,051 कर्मचारी ऑनबोर्ड हो चुके हैं। इनमें 18,50,835 एक्टिव हैं, जबकि 62,212 कर्मचारी इनएक्टिव हैं। इन कर्मचारियों ने अभी तक कोई कोर्स पूरा नहीं किया है। 7 सितंबर तक प्रदेश में कुल 2 करोड़ 83 लाख 97 हजार 79 कोर्स पूरे किए जा चुके हैं। शासन ने सभी विभागों को कहा है कि 11 सितंबर को कर्मचारियों को दो कोर्स पूरा कराने पर फोकस रखा जाए। इसके लिए शाम 4 बजे तक विभाग स्तर पर कोई दूसरी बैठक या अन्य कार्यक्रम न रखा जाए। यानी इस अवधि में कर्मचारियों को मिशन कर्मयोगी के कोर्स पूरे करने का मौका दिया जाएगा।
अक्टूबर में होगी उच्च स्तरीय कार्यशाला
मिशन कर्मयोगी की प्रगति की समीक्षा के लिए अक्टूबर में उच्च स्तरीय कार्यशाला प्रस्तावित है। इससे पहले सरकार सभी विभागों में कोर्स पूरा कराने की स्थिति सुधारना चाहती है। इसी वजह से विभागों को कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाने और इनएक्टिव कर्मचारियों को एक्टिव करने के निर्देश दिए गए हैं।
4 बजे के बाद शासन को भेजनी होगी रिपोर्ट
11 सितंबर को कर्मचारियों ने कितने कोर्स पूरे किए, इसकी जानकारी शासन को भेजनी होगी। विभागों को अपनी रिपोर्ट में कुल ऑनबोर्ड कर्मचारियों की संख्या और उस दिन पूरे किए गए कोर्स की संख्या बतानी होगी। शासन ने सभी विभागों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन कराने को कहा है।

