छत पर थिनर डालकर रिटायर्ड सिंचाईकर्मी ने खुद को लगाई आग, मौत
पड़ोसी छत से कूदकर पहुंचे, करीब 30 मिनट तक तड़पते रहे बुजुर्ग; मौके से सुसाइड नोट बरामद
कानपुर। चकेरी थाना क्षेत्र के सावित्री नगर में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई। सिंचाई विभाग के सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 72 वर्षीय राम रतन साहू ने सुबह करीब छह बजे घर की छत पर थिनर डालकर खुद को आग लगा ली। आग की लपटों में घिरे बुजुर्ग को बचाने के लिए पड़ोसी अपनी छत से करीब 10 फीट नीचे कूदकर उनकी छत पर पहुंचे। हालांकि तब तक वह पूरी तरह आग की चपेट में आ चुके थे।
पड़ोसियों ने पाइप से पानी डालकर आग बुझाई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग बुझने के बाद भी राम रतन करीब 30 मिनट तक छत पर तड़पते रहे। घर के बाहर कार खड़ी होने के बावजूद उन्हें तत्काल अस्पताल नहीं ले जाया जा सका। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस से उन्हें कांशीराम अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
बड़ी बेटी और दामाद के साथ रहते थे
राम रतन साहू मूलरूप से कानपुर के नवाबगंज क्षेत्र के रहने वाले थे। उनकी दो बेटियां कंचन और रुचि हैं। बड़ी बेटी कंचन अपने पति विजय और दो बच्चों लक्ष्य व शानवी के साथ पिता के साथ ही रहती थीं। छोटी बेटी रुचि अपने पति नीरज के साथ श्यामनगर स्थित ससुराल में रहती हैं।
बड़ी बेटी कंचन के मुताबिक, पिता किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित नहीं थे। उनके पैर में केवल हल्का दर्द रहता था। गुरुवार सुबह वह छत पर पहुंचे और थिनर डालकर खुद को आग लगा ली। छत का दरवाजा बंद होने के कारण वह तत्काल ऊपर नहीं पहुंच सकीं।
चीख सुनकर पड़ोसी छत से कूदे
पड़ोसी सुरजीत तिवारी ने बताया कि वह सुबह सो रहे थे। अचानक चीख सुनकर उनकी आंख खुली। कमरे से निकलकर छत पर पहुंचे तो राम रतन को आग की लपटों में घिरा देखा। उन्होंने अपनी छत से करीब 10 फीट नीचे कूदकर राम रतन की छत पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया। इसके बाद छत का दरवाजा खोला गया, जिसके बाद उनकी बेटी और दामाद भी मौके पर पहुंचे।
2014 में पत्नी ने भी लगाई थी आग
परिजनों के अनुसार, घरेलू विवाद के चलते राम रतन की पत्नी मिथलेश ने मार्च 2014 में आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद अक्टूबर 2014 में राम रतन सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, 26 मार्च को मोहल्ले में भगवत कथा का आयोजन हुआ था। इसके बाद राम रतन ने शराब छोड़ दी थी।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना पर एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह, एसीपी चकेरी आशुतोष कुमार सिंह और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कई साक्ष्य जुटाए। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
एसीपी चकेरी आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। सुसाइड नोट को फोरेंसिक लैब भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

