कानपुर में बाढ़ का दबाव बरकरार, बैराज का जलस्तर खतरे के निशान से 37 सेमी नीचे
कानपुर में बाढ़ का दबाव बरकरार, बैराज का जलस्तर खतरे के निशान से 37 सेमी नीचे
कानपुर। गंगा में बढ़ते जलप्रवाह के बीच कानपुर बैराज पर बाढ़ का दबाव लगातार बना हुआ है। फ्लड कंट्रोल ऑफिस, एलजीसी कानपुर की ओर से गुरुवार 10 सितंबर को सुबह आठ बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार बैराज के अपस्ट्रीम में जलस्तर 114.630 मीटर और डाउनस्ट्रीम में 114.280 मीटर दर्ज किया गया। बैराज से 4,07,895 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
बैराज का चेतावनी स्तर 114 मीटर और खतरे का स्तर 115 मीटर निर्धारित है। इस तरह अपस्ट्रीम का जलस्तर खतरे के निशान से महज 37 सेंटीमीटर नीचे है। खतरे के स्तर पर डिस्चार्ज 5,44,373 क्यूसेक माना गया है।
शुक्लागंज में चेतावनी स्तर पार
शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 113.020 मीटर दर्ज किया गया। यहां चेतावनी स्तर 113 मीटर और खतरे का निशान 114 मीटर है। यानी जलस्तर चेतावनी बिंदु से करीब 2 सेंटीमीटर ऊपर है और खतरे के निशान से 98 सेंटीमीटर नीचे है।
हरिद्वार और नरौरा से भी पानी का दबाव
रिपोर्ट के अनुसार हरिद्वार बैराज से 81,514 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,05,633 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे गंगा के जलप्रवाह पर लगातार नजर रखी जा रही है।
औरैया में यमुना का जलस्तर घटा
उधर, औरैया में यमुना का जलस्तर 107.420 मीटर दर्ज किया गया है। यहां जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। औरैया में चेतावनी स्तर 112 मीटर, जबकि खतरे का स्तर 113 मीटर है। बुधवार की तुलना में यमुना का जलस्तर घटने से फिलहाल राहत के संकेत हैं। रिपोर्ट में बारिश शून्य दर्ज की गई है।
फिलहाल कानपुर बैराज और शुक्लागंज में जलस्तर चेतावनी सीमा के आसपास/ऊपर बना हुआ है, जबकि कानपुर बैराज का अपस्ट्रीम स्तर खतरे के निशान के काफी करीब पहुंच गया है।

