मतदाता सूची पुनरीक्षण की तारीख बढ़ी, अब 16 दिसंबर तक दर्ज करा सकेंगे दावे-आपत्तियां
कानपुर नगर। भारत निर्वाचन आयोग ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की फोटोयुक्त मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम में संशोधन किया है। अब मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटवाने और विवरण में संशोधन कराने के लिए 16 दिसंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। पहले इसके लिए 11 दिसंबर तक की समय सीमा निर्धारित थी।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 17 नवंबर को मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को जारी होगी। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश के 6 नवंबर 2026 के निर्देशों के क्रम में कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाएगा।
चार दिन चलेगा विशेष अभियान
मतदाता सूची में नाम जोड़ने और त्रुटियों को दुरुस्त कराने के लिए 21, 22, 28 और 29 नवंबर को विशेष अभियान चलाया जाएगा। इन सभी दिनों में जिले के प्रत्येक मतदेय स्थल पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) मौजूद रहेंगे। मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान केंद्रों पर हेल्प डेस्क भी बनाई जाएगी, जहां आवेदन भरने में सहायता मिलेगी।
विशेष अभियान में शामिल होने वाले पात्र मतदाताओं को अपनी नवीनतम फोटो, जन्मतिथि और निवास प्रमाण से संबंधित अभिलेखों की स्वप्रमाणित छायाप्रति साथ लानी होगी। परिवार के किसी सदस्य का मतदाता पहचान पत्र उपलब्ध होने पर उसकी संख्या भी साथ रखना उपयोगी रहेगा।
तीन तरह के फॉर्म से होगा आवेदन
मतदाता सूची में पहली बार नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 भरना होगा। मृतक अथवा अन्य निर्धारित कारणों से किसी का नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 और नाम, पता या अन्य विवरण में संशोधन कराने के लिए फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जाएगा। निवास स्थान बदलने की स्थिति में भी फॉर्म-8 के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने जनपद के सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे मतदाता सूची में अपना और परिवार के अन्य पात्र सदस्यों का नाम अवश्य जांच लें। जिन पात्र नागरिकों का नाम सूची में दर्ज नहीं है, वे निर्धारित समय सीमा के भीतर फॉर्म-6 भरकर आवेदन करें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है और मतदान के अधिकार के लिए मतदाता सूची में नाम दर्ज होना अनिवार्य है।


