अमरीका के राष्ट्रपति ट्रंप ने बदला एआई का नाम, अब ‘सुपर इंटेलिजेंस’ कहेगी डोनाल्ड सरकार, आदेश लागू
वाशिंगटन। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को लेकर बड़ा फैसला लिया है। ट्रंप ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत अमरीकी सरकार के कामकाज में अब ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ और ‘एआई’ की जगह ‘सुपर इंटेलिजेंस’ और ‘एसआई’ शब्दों का इस्तेमाल किया जाएगा। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि मौजूदा तकनीक की क्षमताएं उस पुराने विचार से कहीं आगे निकल चुकी हैं, जिसे करीब 70 साल पहले ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ कहा गया था। यह एग्जीक्यूटिव ऑर्डर ट्रंप की व्हाइट हाउस में टेक्नोलॉजी क्षेत्र के दिग्गजों के साथ हुई हाई-लेवल लंच मीटिंग के बाद आया। इस बैठक में स्पेसएक्स और टेस्ला के प्रमुख एलन मस्क, मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग समेत कई प्रमुख टेक अधिकारी शामिल हुए। ट्रंप के आदेश का शीर्षक ‘सुपर इंटेलिजेंस के युग की शुरुआत’ है।
इसके तहत अमरीकी केंद्र सरकार के विभागों और एजेंसियों को आधिकारिक पत्राचार, सार्वजनिक संचार, वेबसाइट, रिपोर्ट और प्रशासनिक नीति दस्तावेजों में ‘सुपर इंटेलिजेंस’ और ‘एसआई’ शब्दों का इस्तेमाल करना होगा। आदेश में कहा गया है कि यह बदलाव कानून की अनुमति की अधिकतम सीमा तक लागू किया जाएगा। संबंधित आधिकारिक जगहों पर सरकार ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ और ‘एआई’ के इस्तेमाल को मान्यता नहीं देगी। हालांकि, यह बदलाव पहले से मौजूद रिकॉर्ड पर लागू नहीं होगा।
इंटरनेट से भी बड़ा बदलाव
ट्रंप ने इस तकनीकी बदलाव को अमरीका के लिए अभूतपूर्व अवसर बताया। उन्होंने कहा कि ्रएआई को आर्टिफिशियल यानी बनावटी कहना ठीक नहीं है। उनके मुताबिक, यह इंटरनेट से भी बड़ी तकनीक है। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए बहुत बड़ा बदलाव है और यह इंटरनेट से भी बड़ा हो सकता है। बैठक के बाद टेक्नोलॉजी कंपनियों के अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने ‘व्हाइट हाउस अकॉर्ड’ के बारे में पत्रकारों को जानकारी दी। इसका फोकस सुपर इंटेलिजेंस को सुरक्षित तरीके से विकसित करने पर था।

