ग्वालियर में मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं को ट्रक ने कुचला, 15 की मौत; आठ पुलिसकर्मी-अधिकारी निलंबित
चीनौर रोड पर ढलान में बेकाबू हुआ धान से भरा ट्रक, बैरिकेड तोड़कर श्रद्धालुओं और मंदिर के गेट से टकराया; सिटी एसपी को पद से हटाया, चालक और मालिक गिरफ्तार

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं के लिए रविवार की सुबह काल बनकर आई। चीनौर रोड पर शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे धान से भरा एक ट्रक ढलान पर बेकाबू हो गया और सड़क किनारे जा रहे श्रद्धालुओं को कुचलता हुआ मंदिर के प्रवेश द्वार से टकरा गया। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। शुरुआती रिपोर्टों में घायलों की संख्या 26 से 33 के बीच बताई गई है।
बैरिकेड तोड़कर श्रद्धालुओं पर चढ़ा ट्रक
नवरात्रि के दौरान शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए ग्वालियर और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे। रात में भी मंदिर जाने वाले मार्ग पर लोगों की भीड़ थी। श्रद्धालु सड़क किनारे कतार में आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान चीनौर की ओर से धान से भरा ट्रक ढलान पर पहुंचा।
पुलिस के मुताबिक, मंदिर मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित था और बैरिकेड लगाए गए थे। इसके बावजूद ट्रक इस रास्ते पर पहुंच गया। ढलान पर चालक वाहन को नियंत्रित नहीं कर सका। ट्रक बैरिकेड तोड़ते हुए श्रद्धालुओं और सड़क किनारे लगी प्रसाद की दुकानों से टकराया और फिर मंदिर के बाहरी गेट तथा दीवार में जा घुसा।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि प्रवेश द्वार की दीवार का एक हिस्सा ढह गया। कई लोग ट्रक और मलबे के नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों, पुलिसकर्मियों और राहत दल ने बचाव अभियान चलाकर घायलों को बाहर निकाला। कुछ लोगों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
दो पुलिसकर्मी भी घायल
हादसे के समय मार्ग पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी ट्रक की चपेट में आकर घायल हो गए। घायलों को जयारोग्य अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों का उपचार किया जा रहा है। मृतकों और घायलों में ग्वालियर के अलावा आसपास के जिलों के लोग भी शामिल बताए गए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत एवं बचाव कार्य के साथ घायलों के उपचार की व्यवस्था की गई। हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों में मातम पसरा है।
ब्रेक फेल होने की आशंका, ट्रक की तकनीकी जांच
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ट्रक चालक ने पूछताछ में ब्रेक फेल होने की बात कही है। पुलिस ने वाहन के अनियंत्रित होने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। ट्रक की तकनीकी जांच के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की टीम को भी लगाया गया है, ताकि पता लगाया जा सके कि दुर्घटना यांत्रिक खराबी के कारण हुई या इसमें अन्य लापरवाही भी शामिल थी।
पुलिस ने ट्रक चालक दिलबाग सिंह और मालिक मोहित सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक होने और बैरिकेड लगे होने के बावजूद ट्रक प्रतिबंधित मार्ग तक कैसे पहुंचा।
पुलिस की व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद श्रद्धालुओं और मृतकों के परिजनों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि जब नवरात्रि में मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहता है, तो ट्रक को ढलान तक पहुंचने से क्यों नहीं रोका गया।
घटना के बाद पुलिस की तैनाती, बैरिकेडिंग और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था की जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि ड्यूटी के दौरान कहां चूक हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
सिटी एसपी हटाए गए, आठ पुलिसकर्मी-अधिकारी निलंबित
हादसे को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर के सिटी एसपी को पद से हटाने और आठ पुलिसकर्मियों-अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। निलंबित किए गए लोगों में तीन थाना प्रभारी, एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल और तीन कांस्टेबल शामिल हैं।
सरकार ने पूरे मामले की विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रक कैसे पहुंचा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों में कहां चूक हुई।
मृतकों के परिजनों को चार लाख रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। गंभीर रूप से घायलों को दो-दो लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। सरकार ने सभी घायलों का निशुल्क उपचार कराने के निर्देश भी दिए हैं।
हादसे के बाद मंदिर मार्ग पर यातायात और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।


