महंगा किराया देने के बाद भी लेट चल रहीं स्पेशल ट्रेनें, 14 घंटे तक की देरी से बढ़ी यात्रियों की परेशानी
कानपुर। नवरात्र, दीपावली और छठ पर्व के चलते ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने कई स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, लेकिन इन ट्रेनों की लेटलतीफी यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। यात्रियों का आरोप है कि स्पेशल ट्रेनों का किराया सामान्य ट्रेनों के मुकाबले 30 प्रतिशत तक अधिक होने के बावजूद समय पर गंतव्य तक पहुंचने की कोई गारंटी नहीं है। कई ट्रेनें छह से 14 घंटे तक की देरी से चल रही हैं।
यात्रियों राकेश गुप्ता और सतीश गुप्ता ने बताया कि भोपाल से गोरखपुर जाने वाली स्पेशल ट्रेन कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर छह घंटे की देरी से पहुंची। इससे यात्रियों को स्टेशन पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। वहीं, यात्री विजय गुप्ता के मुताबिक, ट्रेन नंबर 04051 हावड़ा-दिल्ली स्पेशल पटना से चलकर गोविंदपुरी स्टेशन पर 14 घंटे 35 मिनट की देरी से पहुंची।
त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और परिवारों तक पहुंचने के लिए रेल यात्रा करते हैं। ऐसे में ट्रेनों की लंबी देरी से उनकी यात्रा योजना बिगड़ रही है। यात्रियों का कहना है कि अधिक किराया चुकाने के बाद भी समय पर पहुंचने का भरोसा नहीं मिल रहा है। सबसे ज्यादा चिंता उन लोगों को है, जिन्हें त्योहार से पहले घर पहुंचकर परिवार के साथ समय बिताना है।
यात्रियों ने रेलवे से स्पेशल ट्रेनों का संचालन समयबद्ध करने और देरी की स्थिति में सही जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि त्योहारों के दौरान अतिरिक्त ट्रेनें चलाने के साथ उनकी समय-सारिणी का पालन सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
इस संबंध में प्रयागराज रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि त्योहारों को देखते हुए ट्रेनों को समय पर संचालित करने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है।


