रात में सड़कों पर उतरे अफसर, निर्माण से सफाई तक की खुली पोल
डीएम ने पोर्टहोल मशीन के इस्तेमाल पर लगाई लगाम, सीएम ग्रिड का काम जल्द पूरा कराने के निर्देश

कानपुर। शहर की सड़कें, निर्माण कार्य और सफाई व्यवस्था जमीनी स्तर पर कैसी चल रही है, इसे परखने के लिए जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन शनिवार रात करीब 11 बजे निरीक्षण पर निकले। अधिकारियों ने कई स्थानों पर चल रहे सड़क मरम्मत कार्यों के साथ सीएम ग्रिड के निर्माण और गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट (GVP) की स्थिति देखी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को मौके पर ही कई व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए।
छोटे गड्ढों में ही चलेगी पोर्टहोल मशीन
निरीक्षण की शुरुआत मंडलायुक्त आवास के पास पोर्टहोल मशीन से कराई जा रही सड़क मरम्मत से हुई। जिलाधिकारी ने मशीन से हो रहे काम को देखा और अभियंताओं से इसकी तकनीकी प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोर्टहोल मशीन का इस्तेमाल केवल छोटे और चिन्हित गड्ढों की मरम्मत के लिए किया जाए। जहां सड़क का बड़ा हिस्सा खराब है या कारपेटिंग अथवा नई लेयर की जरूरत है, वहां मशीन से पैचवर्क न कराया जाए।
डीएम ने अभियंताओं को निर्देश दिया कि शहर की सड़कों का तकनीकी परीक्षण कर छोटे और बड़े गड्ढों को अलग-अलग चिह्नित किया जाए। इसके बाद सड़क की स्थिति के अनुसार मरम्मत की तकनीक तय की जाए। उन्होंने सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और गुणवत्ता की भी लगातार जांच करने को कहा।
560 मीटर सड़क बनी, फुटपाथ का काम बाकी
इसके बाद अधिकारियों ने स्वरूप नगर स्थित माता स्वरूप रानी मार्ग का निरीक्षण किया। यहां सीएम ग्रिड के तहत सड़क निर्माण का काम चल रहा है। मौके पर करीब 560 मीटर सड़क का निर्माण पूरा मिला, लेकिन दोनों तरफ फुटपाथ का काम अभी चल रहा था। जिलाधिकारी ने शेष कार्य को तय समय सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि काम में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। कार्यदायी संस्था को पर्याप्त श्रमिक, मशीनरी और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि निर्माण कार्य की गति प्रभावित न हो।
नो-एंट्री से अटक रही निर्माण सामग्री
निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि ने अधिकारियों को बताया कि शहर में नो-एंट्री और जाम की स्थिति के कारण निर्माण सामग्री लेकर आने वाले मालवाहक वाहन समय से साइट तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को यातायात विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल समन्वय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए जरूरी निर्माण सामग्री लेकर आने वाले वाहनों के आवागमन की ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे उन्हें अनावश्यक रूप से न रोका जाए और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित न हो। इस व्यवस्था को अगले दिन से प्रभावी कराने और नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
पांच से 10 वार्डों का कूड़ा एक जगह जुटाने की तैयारी
निरीक्षण के अगले चरण में अधिकारियों ने कंपनी बाग चौराहे के पास विकसित किए जा रहे गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट (GVP) का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने मौके पर जमीन के स्वामित्व की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि जमीन सरकारी है। डीएम ने निर्देश दिया कि इस स्थल पर PCTS विकसित कर इसे प्रभावी कूड़ा संकलन और प्रबंधन केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जाए। यहां पांच से 10 वार्डों से निकलने वाले कूड़े को एकत्र करने की व्यवस्था बनाने को कहा गया। इससे मुख्य सड़कों और गलियों में जगह-जगह कूड़ा जमा होने की समस्या पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।उन्होंने अधिकारियों को तत्काल विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने और प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। साथ ही स्थल को खाली छोड़ने के बजाय आवश्यक व्यवस्थाएं जल्द पूरी कर इसका उपयोग शुरू कराने को कहा।
गुणवत्ता में लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई
रात्रिकालीन निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण, मरम्मत और सफाई व्यवस्था में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि काम केवल कागजों में पूरा दिखाने के बजाय मौके पर मानकों के अनुरूप होना चाहिए। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण और अनुश्रवण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा में काम पूरा कराया जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी या लापरवाही सामने न आए। खासतौर पर माता स्वरूप रानी मार्ग के सीएम ग्रिड कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराने पर जोर दिया गया।

