नेतन्याहू ने भारतीय पायलट को फोन कर सराहा साहस
अगली स्वतंत्रता दिवस पर मोदी संग मशाल जलाने का दिया न्योता
तेल अवीव। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से फोन पर करीब छह मिनट बातचीत की और विमान में हुए हमले के दौरान उनके साहस की सराहना की। नेतन्याहू ने उन्हें भारत और इजराइल के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए हीरो बताया। उन्होंने कैप्टन स्मित को इजराइल आने का न्योता देते हुए कहा कि वह उन्हें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित करना चाहते हैं। बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने उनसे हमले की पूरी घटना के बारे में पूछा। कैप्टन स्मित ने बताया कि उड़ान सामान्य थी और ओमानी को-पायलट ने नमाज करने की बात कही थी। उन्होंने इसे असामान्य नहीं समझा। को-पायलट उनके पीछे बैठ गया और कुछ मिनट बाद अचानक उनके सिर के पीछे जोरदार वार किया। इसके बाद लगातार हमले किए गए। चोट के कारण उन्हें धुंधला दिखाई देने लगा और उन्हें विमान के तेजी से नीचे जाने का एहसास हुआ। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। एक बार दरवाजा बंद किए जाने के बाद उन्होंने दोबारा नॉब तक पहुंचकर उसे घुमाया और दरवाजा खोल दिया। इसके बाद चालक दल और यात्रियों ने हमलावर को काबू करने में मदद की और विमान पर फिर से नियंत्रण हासिल किया।
यह घटना 30 सितंबर की है। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने कथित तौर पर विमान में आपात स्थिति के लिए रखी कुल्हाड़ी से कैप्टन स्मित पर हमला किया। हमले के बाद विमान करीब 17 हजार फीट नीचे आ गया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने स्थिति संभालने की कोशिश की और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। बाद में विमान की सऊदी अरब के तबुक में आपात लैंडिंग कराई गई। विमान में सवार सभी 174 लोग सुरक्षित बाहर निकाले गए। शुरुआती जानकारी में हमले के लिए चाकू के इस्तेमाल की बात कही गई थी, लेकिन बाद में जांच में विमान की आपातकालीन कुल्हाड़ी के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई। इस तरह की कुल्हाड़ी विमान में आपात स्थिति में पैनल काटने या फंसे लोगों के लिए रास्ता बनाने जैसे कामों के लिए रखी जाती है।
आरोपी को लेकर कट्टरपंथी विचारधारा की जांच
हमाम अल-हमामी ओमान का रहने वाला बताया गया है। जांच एजेंसियां उसके कथित कट्टरपंथी विचारों और संभावित मकसद की जांच कर रही हैं। विभिन्न रिपोर्टों में उसके सीरिया में रहने और कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होने के दावे सामने आए हैं। यह भी बताया गया है कि 2024 में उसे ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन की पायलट ट्रेनिंग से हटा दिया गया था। बाद में उसे दूसरी जिम्मेदारी दी गई। वह पहले एक अन्य एयरलाइन के साथ काम कर चुका था और करीब आठ महीने पहले फ्लाईदुबई से जुड़ा था। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसे तेल अवीव जाने वाली उड़ान में को-पायलट की ड्यूटी कैसे मिली, क्योंकि ओमान और इजराइल के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं।
विमान को इजराइल में गिराने के दावे की भी जांच

जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से यह दावा भी सामने आया है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने विमान को इजराइल में गिराने की मंशा जताई थी। उसके सामान से फिलिस्तीन समर्थक सामग्री मिलने की बात भी कही गई है। हालांकि इन दावों की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा। हमले के बाद आरोपी को सऊदी अरब से संयुक्त अरब अमीरात भेजा गया, जहां उसके खिलाफ आतंकवाद से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। इजराइल की सुरक्षा और जांच एजेंसियां भी घटना के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित से वीडियो कॉल पर बातचीत की थी। उस दौरान पायलट ने बताया था कि मुश्किल परिस्थिति में वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे और उन्हें विश्वास था कि इसी से उन्हें और विमान में मौजूद लोगों को हिम्मत मिली। कैप्टन स्मित की बहादुरी और सूझबूझ की भारत और इजराइल दोनों जगह सराहना हुई है। नेतन्याहू की ओर से उन्हें अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री मोदी के साथ मशाल जलाने का निमंत्रण इसी सम्मान को दर्शाता है।
इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर यरुशलम के माउंट हर्जल में विशेष मशाल प्रज्वलन समारोह आयोजित किया जाता है। इसमें देश और समाज के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को मशाल जलाने का सम्मान दिया जाता है। समारोह में 12 मशालें जलाई जाती हैं, जिन्हें इजराइल की प्राचीन 12 जनजातियों का प्रतीक माना जाता है। नेतन्याहू का कैप्टन स्मित को इस समारोह में शामिल होने का निमंत्रण विमान हादसे के दौरान उनके साहस को मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

