‘कच्चा बादाम’ गाने से नहीं, अपनी सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर थी परेशानी: अंजलि अरोड़ा
कानपुर डांडिया विवाद पर एक्ट्रेस ने शेयर किए तीन वीडियो, बोलीं- मैंने शहर का नहीं, अपने अपमान का विरोध किया; आयोजक ने आरोपों को बताया गलत

कानपुर। ‘कच्चा बादाम’ गाने से मुझे कोई परेशानी नहीं है। इसी गाने ने मुझे करोड़ों लोगों का प्यार और पहचान दिलाई है। मेरी नाराजगी गाने से नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा, निजता और आत्मसम्मान को लेकर थी। कमरे की घंटी बार-बार बजने और फोटो खिंचवाने के लिए लोगों के पहुंचने से मैं असहज महसूस कर रही थी। मेरी नाराजगी कानपुर की जनता से नहीं, बल्कि कुछ लोगों के व्यवहार से थी।
यह कहना है एक्ट्रेस अंजलि अरोड़ा का। उन्होंने सोमवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर तीन वीडियो साझा कर कानपुर में डांडिया कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद पर सफाई दी। अंजलि ने आरोप लगाया कि एयरपोर्ट से होटल तक पहुंचने और होटल में ठहरने के दौरान वह असहज और असुरक्षित महसूस कर रही थीं। वहीं, कार्यक्रम के आयोजक आशीष गुप्ता ने अंजलि के आरोपों को गलत बताया है। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच अब यह विवाद सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
15 अक्टूबर को मोतीझील स्थित लाजपत भवन में आयोजित ‘नगाड़ा नाइट डांडिया’ कार्यक्रम के दौरान यह विवाद सामने आया था। कार्यक्रम में डीजे पर ‘कच्चा बादाम’ गाना बजने के बाद अंजलि नाराज हो गई थीं। रात करीब 9:52 बजे मंच पर पहुंचीं अंजलि लगभग 12 मिनट बाद कार्यक्रम छोड़कर चली गई थीं। इसके बाद उनके कार्यक्रम से जाने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
एयरपोर्ट से होटल तक असुरक्षित महसूस करने का आरोप
अंजलि अरोड़ा ने अपने वीडियो में कहा कि जब वह कानपुर एयरपोर्ट पहुंचीं, तो उन्हें लेने आई गाड़ी में पहले से तीन लोग बैठे थे। उनका कहना है कि किसी महिला कलाकार को लेने आने वाली गाड़ी में उसकी सुरक्षा और सहजता का ध्यान रखा जाना चाहिए। अंजलि के मुताबिक, होटल पहुंचने पर लॉबी में पहले से कई लोग मौजूद थे। करीब 25 लोग उन्हें उनके कमरे तक छोड़ने आए। उन्होंने दावा किया कि उस समय वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रही थीं। उन्होंने आगे कहा कि जब उन्होंने रूम सर्विस के जरिए खाना ऑर्डर किया, तो वेटर के साथ तीन लड़के भी उनके कमरे में आ गए। वे उनके साथ फोटो खिंचवाने की जिद करने लगे। अंजलि ने कहा कि हर 10 मिनट में उनके कमरे की घंटी बज रही थी, जिससे वह परेशान हो गई थीं। अंजलि ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या किसी महिला के साथ इस तरह का व्यवहार करना सही है? उन्होंने कहा कि वह भी किसी की बेटी हैं, उनका भी परिवार है और उन्हें भी डर लगता है। कलाकार होने का मतलब यह नहीं है कि कोई भी उनके साथ जैसा चाहे, वैसा व्यवहार करे। उन्हें भी अपनी सुरक्षा, निजता और आत्मसम्मान की चिंता करने का पूरा अधिकार है।
‘मैंने कानपुर का नहीं, अपने अपमान का विरोध किया’
अंजलि ने अपने वीडियो में कानपुर के लोगों के प्रति नाराजगी की बात को खारिज किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने शहर का अपमान नहीं किया, बल्कि अपने अपमान का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि कानपुर के लोगों ने उन्हें बहुत प्यार दिया है और वह शहर का अपमान करने के बारे में सोच भी नहीं सकतीं। अगर उनकी किसी बात से यहां के लोगों को ठेस पहुंची है, तो उन्हें इसका अफसोस है। अंजलि के मुताबिक, उन्होंने परिस्थितियों के बीच अपनी बात रखी थी। किसी कलाकार का मंच पर पहुंचकर दर्शकों का मनोरंजन करना यह नहीं दर्शाता कि उसके आत्मसम्मान और सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसी कार्यक्रम में क्या हुआ और किन परिस्थितियों में हुआ, इसका फैसला केवल कुछ सेकेंड की वीडियो क्लिप देखकर नहीं किया जाना चाहिए।
‘कच्चा बादाम’ गाने से परेशानी क्यों होगी?
विवाद की सबसे चर्चित वजह बने ‘कच्चा बादाम’ गाने को लेकर अंजलि ने स्पष्ट किया कि यही गाना उनकी पहचान से जुड़ा है। इसी गाने के जरिए उन्हें बड़ी संख्या में लोगों का प्यार और लोकप्रियता मिली। उन्होंने सवाल किया कि जिस गाने ने उन्हें पहचान दिलाई, उससे उन्हें परेशानी क्यों होगी? अंजलि ने कहा कि यह कहना गलत है कि गाना बजने से वह नाराज हुईं और कार्यक्रम छोड़कर चली गईं। उन्होंने आयोजकों से कहा कि यदि उन्हें उनसे कोई शिकायत है, तो वे सबूतों के साथ अपनी बात रखें। साथ ही, उनकी बात और उस समय की परिस्थितियों को भी सुना जाना चाहिए।
कार्यक्रम में लड़की के बाल और कपड़े जलने की घटना का भी जिक्र
अंजलि ने अपने वीडियो में कार्यक्रम के दौरान एक लड़की के बाल और कपड़े जलने की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसी भी आयोजन में कलाकारों के साथ-साथ दर्शकों की सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है। ऐसी घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
दर्शकों से मांगी माफी, लीगल टीम कर रही कार्रवाई
अंजलि ने उन दर्शकों से माफी मांगी, जो उन्हें देखने के लिए कार्यक्रम में पहुंचे थे और निराश होकर लौटे। उन्होंने कहा कि वह किसी से लड़ना या किसी को नीचा दिखाना नहीं चाहतीं। लोग उनसे सवाल पूछ सकते हैं और उनकी आलोचना भी कर सकते हैं, लेकिन पूरी बात जाने बिना उन्हें गलत ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कानपुर उनके लिए अपना शहर है और यहां के लोग उनके अपने हैं। उनका विरोध किसी शहर से नहीं, बल्कि गलत व्यवहार से है। अंजलि के मुताबिक, उनकी लीगल टीम इस मामले में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया में जुटी है।
इंस्टाग्राम पर 12.4 मिलियन फॉलोअर्स
अंजलि अरोड़ा ने सोमवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट ‘anjimaxuofficially’ पर तीन वीडियो पोस्ट किए। उनके साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पहले वीडियो को दो मिलियन से अधिक, दूसरे को करीब 1.9 मिलियन और तीसरे को 756 हजार व्यूज मिले थे। उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 12.4 मिलियन फॉलोअर्स हैं।
आयोजक बोले- अंजलि के आरोप गलत
वहीं, कार्यक्रम के आयोजक आशीष गुप्ता ने अंजलि के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि अंजलि को एयरपोर्ट से लेने गई गाड़ी में उसका मालिक भी मौजूद था। हालांकि, लौटते समय गाड़ी में अंजलि के साथ उनके मैनेजर के अलावा कोई अन्य व्यक्ति नहीं था। आयोजक के मुताबिक, होटल में अंजलि की टीम के लोग और दो बाउंसर मौजूद थे। उनकी सुरक्षा के लिए यूपी की गोल्ड मेडलिस्ट महिला बाउंसर भी तैनात की गई थी।


