रात 10:30 बजे सड़कों का हाल जानने निकले डीएम, नगर आयुक्त और सीडीओ, निर्माण में देरी पर जताई नाराजगी
स्वरूप नगर में सड़क निर्माण की धीमी रफ्तार पर अधिकारियों को फटकार, 30 नवंबर तक काम पूरा करने का अल्टीमेटम

कानपुर नगर। शहर की सड़कों को बेहतर बनाने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने सोमवार देर रात 10:30 बजे शहर के विभिन्न इलाकों का औचक निरीक्षण कर सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की हकीकत परखी। अधिकारियों के रात्रिकालीन निरीक्षण से निर्माण कार्यों में जुटे विभागों में हलचल रही। इस दौरान अधिकारियों ने कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा की बारीकी से समीक्षा की तथा लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत चुन्नीगंज चौराहे के समीप लोक निर्माण विभाग की ओर से कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य से हुई। यहां अधिकारियों को बताया गया कि जल निगम द्वारा पूर्व में कराए गए कार्य के चलते सड़क का शेष निर्माण कार्य जल निगम की ओर से कराया जाना प्रस्तावित है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एक ही सड़क का निर्माण अलग-अलग विभागों से कराए जाने पर उसकी गुणवत्ता, समतलीकरण और सतह की एकरूपता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने जनहित को ध्यान में रखते हुए पूरी सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग से ही एक समान गुणवत्ता के साथ कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद अधिकारियों ने कंपनी बाग चौराहे पर पहुंचकर लोक निर्माण विभाग, मेट्रो और जल निगम की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर काम करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि विभागों के बीच तालमेल की कमी के कारण आम जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए। निर्माण कार्यों को तय मानकों के अनुरूप और निर्धारित समयसीमा में पूरा कराया जाए।
रात्रिकालीन निरीक्षण के दौरान स्वरूप नगर में मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के अंतर्गत नगर निगम की ओर से कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई। यहां कार्य की धीमी प्रगति सामने आने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मौके पर मौजूद सुपरवाइजर से कार्य की स्थिति की जानकारी ली और आगामी दो दिनों के भीतर संबंधित कार्य को पूरा कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि स्वरूप नगर मार्ग का संपूर्ण निर्माण हर हाल में 30 नवंबर 2026 तक पूरा होना चाहिए। निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं होने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने शहर की अन्य क्षतिग्रस्त सड़कों को लेकर भी गंभीरता दिखाई। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि जनपद की 14 क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण के लिए आवश्यक प्रस्ताव तत्काल शासन को भेजे जाएं, जिससे स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जा सके। उन्होंने कहा कि खराब सड़कों के कारण नागरिकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सड़क निर्माण और मरम्मत के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के साथ ही कार्यों की नियमित निगरानी की जाए। विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर काम पूरा कराया जाए, ताकि बार-बार खुदाई और निर्माण की स्थिति न बने तथा सरकारी धन का सदुपयोग हो सके।
रात के समय किए गए इस औचक निरीक्षण के जरिए जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि शहर के विकास कार्यों में लापरवाही और अनावश्यक देरी अब स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को चेतावनी दी कि जनता को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता मिलने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।


