दावा- खिलाड़ियों से इनाम में 20% कमीशन मांग रहे अधिकारी

दावा- खिलाड़ियों से इनाम में 20% कमीशन मांग रहे अधिकारी

पैरा शूटर्स बोले- इनकार किया तो एशियन गेम्स के लिए सिलेक्शन नहीं हुआ, जांच की मांग

नई दिल्ली। पैरा एशियन गेम्स के लिए भारतीय दल के सिलेक्शन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। एशिया के नंबर-1 और नंबर नंबर-3 पिस्टल शूटर आकाश और संदीप कुमार ने दावा किया है कि- अधिकारियों ने उनसे कहा कि अगर इवेंट में मेडल आता है और सरकार उस पर इनाम देती है तो 20% रकम कमीशन के दौर पर देनी होगी।

शूटर्स ने बताया कि पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) के अधिकारियों और शूटिंग टेक्निकल कमेटी के सदस्य कमीशन मांगने वाले लोगों में शामिल हैं। शूटर्स ने क्वॉलिफाइंग स्कोर में हेरफेर और चयन समिति में बदलाव किए जाने के आरोप भी लगाए हैं।

खिलाड़ियों ने SAI महानिदेशक से पूरे मामले की जांच की मांग की है। पांचवें पैरा एशियन गेम्स 18 से 14 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में होना है। यहीं 20वें एशियन गेम्स भी हुए हैं।

इंटरनेशनल कोटे में भी हेरफेर का आरोप

शूटर्स ने दावा किया कि भारत को मिले 15 अंतर्राष्ट्रीय कोटा स्थानों में से दो का इस्तेमाल नहीं किया गया। आरोप है कि अगली रैंकिंग के खिलाड़ियों ने कथित वित्तीय मांगें पूरी करने से इनकार किया, इसलिए ये स्थान सरेंडर कर दिए गए।खिलाड़ियों ने वाइल्ड कार्ड और कोटा स्थानों के आवंटन में रैंकिंग और प्रदर्शन के बजाय वित्तीय आधार पर फैसला लेने का भी आरोप लगाया है।

एशिया नंबर-1 शूटर को नहीं चुने जाने पर सवाल

P4 50 मीटर फ्री पिस्टल SH1 में एशिया रैंकिंग में तीसरे नंबर के संदीप कुमार ने दावा किया किया कि उन्हें और आकाश पीछे छोड़कर एशिया रैंकिंग में 14वें नंबर के रुद्राक्ष खंडेलवाल का चयन किया गया। संदीप ने कहा- यह चयन नियमों का उल्लंघन है और हमारे साथ भेदभाव है।

PCI अध्यक्ष बोले- चयन 100% निष्पक्ष

PCI अध्यक्ष और दो बार के पैरालंपिक जैवलिन थ्रो के गोल्ड मेडलिस्ट देवेंद्र झाझरिया ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि चयन तय मानकों के अनुसार हुआ है और किसी खिलाड़ी के साथ भेदभाव नहीं किया गया।झाझरिया ने संदीप के इस आरोप को भी गलत बताया कि उन्हें कोच से जुड़े किसी खिलाड़ी के पक्ष में टीम से बाहर किया गया।

खेल मंत्रालय बोला शिकायतों पर गौर होगा, टीम में बदलाव नहीं

खेल मंत्रालय के एक सूत्र के मुताबिक, पैरा-शूटर्स की वास्तविक शिकायतों पर गौर किया जाएगा। हालांकि, पैरा एशियन गेम्स के लिए टीम का चयन अंतिम रूप से हो चुका है और इस स्तर पर इसमें बदलाव नहीं किया जा सकता।खिलाड़ियों ने कहा है कि शिकायतों का समाधान नहीं हुआ तो वे संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाई कोर्ट का रुख कर सकते हैं और मामले की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग कर सकते हैं।

पैरा साइक्लिंग में भी सिलेक्शन को लेकर विवाद

पैरा-साइक्लिंग में भी चयन को लेकर विवाद सामने आया है। नेशनल फेडरेशन ने एशियन पैरा गेम्स के लिए 7 खिलाड़ियों के नाम भेजे थे, लेकिन खेल मंत्रालय ने सिर्फ अरशद शेख को मंजूरी दी है। बाहर किए गए खिलाड़ी प्रशांत अरकल, पवन कुमार कोम्मोजी, समीर, वासानी बाबूभाई, शश्रुति विनायक नकाडे और लीशा दास गुरुवार को SAI मुख्यालय पर प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।

‘लेह में तैयारी कर रहे थे, नाम हटने की जानकारी नहीं थी’

रोड साइक्लिस्ट प्रशांत अरकल ने कहा कि वे एशियन पैरा गेम्स की तैयारी के लिए लेह में थे और उन्हें पता ही नहीं चला कि उनके नाम अंतिम सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि क्वालिफिकेशन पूरा करने के लिए खिलाड़ियों ने अपनी जेब से पैसे खर्च किए हैं।

SAI बोला- सिर्फ कोटा हासिल करना चयन की गारंटी नहीं

SAI के मुताबिक, अरशद शेख ही तय चयन मापदंड पूरे करते हैं। उन्होंने इस साल एशियन पैरा रोड चैंपियनशिप में 9 खिलाड़ियों के बीच चौथा स्थान हासिल किया था। ट्रैक चैंपियनशिप के 1 किमी टाइम ट्रायल में वे 8 खिलाड़ियों में पांचवें स्थान पर रहे थे। SAI के एक अधिकारी के मुताबिक, किसी प्रतियोगिता में कोटा हासिल करना अपने आप में टीम में चयन की गारंटी नहीं है। चयन के लिए तय प्रदर्शन मानकों को पूरा करना जरूरी है।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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