नगर निगम में अब खुलकर बटी कर्मचारी और पार्षदों की ताकत, नगर आयुक्त के समर्थन में उतरे कर्मचारी

नगर निगम में अब खुलकर बटी कर्मचारी और पार्षदों की ताकत, नगर आयुक्त के समर्थन में उतरे कर्मचारी

महापौर और नगर आयुक्त के बीच अधिकारों की खींचतान में कर्मचारियों की एंट्री, निंदा प्रस्ताव की तैयारी के विरोध में मुख्यालय पर किया शक्ति प्रदर्शन; आंदोलन की चेतावनी

कानपुर। नगर निगम में महापौर प्रमिला पांडेय और नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के बीच चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। दोनों के बीच चल रहे विवाद में अब नगर निगम के कर्मचारी संगठन भी कूद पड़े हैं। संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारी संगठनों ने नगर आयुक्त के समर्थन में शक्ति प्रदर्शन किया। उन्होंने कार्यकारिणी की बैठक में नगर आयुक्त के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी का विरोध करते हुए इसे अधिकारियों और कर्मचारियों के सम्मान से जुड़ा मामला बताया।

कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अधिकारियों और कर्मचारियों के मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली किसी भी कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा बनी तो कर्मचारी संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने ‘नगर आयुक्त जिंदाबाद’ और ‘अधिकारियों का अपमान नहीं सहेंगे’ जैसे नारे लगाए। इसके बाद कर्मचारी नेताओं ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया।

नगर निगम में दो खेमों में बंटती दिख रही ताकत

महापौर और नगर आयुक्त के बीच विवाद के बाद नगर निगम में अब दो अलग-अलग खेमे नजर आने लगे हैं। एक ओर महापौर के समर्थन में कार्यकारिणी के सदस्यों समेत 30 से अधिक पार्षद खड़े हैं, वहीं दूसरी ओर नगर आयुक्त के समर्थन में कर्मचारी संगठन खुलकर सामने आ गए हैं। कर्मचारी संगठनों के अध्यक्षों और महामंत्रियों ने बैठक कर पूरे मामले पर चर्चा की और आगे की रणनीति बनाई। इसके बाद नगर निगम मुख्यालय में एकजुट होकर शक्ति प्रदर्शन किया।

कर्मचारी नेताओं का कहना था कि नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी शहर की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए दिन-रात काम करते हैं। सफाई, निर्माण, जलापूर्ति और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में कर्मचारियों की अहम भूमिका रहती है। ऐसे में अधिकारियों और कर्मचारियों के सम्मान को प्रभावित करने वाली कार्रवाई उचित नहीं है। नगर निगम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए, ताकि शहर के विकास कार्य प्रभावित न हों।

सम्मान के मुद्दे पर समझौता नहीं करेंगे कर्मचारी

कर्मचारी संगठनों ने कहा कि वे शहर के विकास और जनहित से जुड़े कार्यों में पूरा सहयोग करते रहेंगे, लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों के सम्मान के सवाल पर समझौता नहीं किया जाएगा। कर्मचारियों ने नगर आयुक्त के खिलाफ प्रस्तावित निंदा प्रस्ताव की तैयारी पर आपत्ति जताई। इस दौरान कर्मचारी संघ के महामंत्री रमाकांत मिश्रा, हरिओम वाल्मीकि, कमरुद्दीन समेत विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

मंगल भवन और कन्वेंशन सेंटर को लेकर शुरू हुआ विवाद

महापौर और नगर आयुक्त के बीच विवाद की प्रमुख वजह कन्वेंशन सेंटर के टेंडर, मंगल भवन की समितियां भंग करने और पार्षदों को हॉट मिक्स प्लांट की समितियों से हटाने जैसे मुद्दे बताए जा रहे हैं। महापौर इन मामलों में नगर आयुक्त से जवाब मांग रही हैं, जबकि नगर आयुक्त की ओर से एजेंडे पर चर्चा का हवाला दिया जा रहा है। इन मुद्दों को लेकर कार्यकारिणी की बैठकों में भी मतभेद सामने आ चुके हैं।

28 अक्टूबर की बैठक में बढ़ा था विवाद

28 अक्टूबर को चौथी बार आयोजित कार्यकारिणी की बैठक में 12 सदस्यों ने नगर आयुक्त के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी की थी। बैठक में महापौर दो अधिवक्ताओं के साथ पहुंचीं। इस पर नगर आयुक्त ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि वह किसी बाहरी व्यक्ति के सामने जवाब नहीं देंगे। इसके बाद वह अपने अधिकारियों के साथ बैठक छोड़कर चले गए। करीब 15 मिनट में ही बैठक समाप्त हो गई।

नगर आयुक्त के बैठक छोड़कर जाने के बाद पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन किया था और मामले को मुख्यमंत्री तक ले जाने की बात कही थी। अब कर्मचारी संगठनों के नगर आयुक्त के समर्थन में उतरने से विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। आने वाले दिनों में नगर निगम की कार्यकारिणी और कर्मचारी संगठनों के रुख पर इस पूरे घटनाक्रम की दिशा निर्भर करेगी। फिलहाल शहर की व्यवस्थाओं को चलाने वाली प्रमुख संस्था में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच समन्वय का सवाल चर्चा के केंद्र में आ गया है।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *