सऊदी के एयरपोर्ट, तेल ठिकाने पर हूती विद्रोहियों का हमला :1 भारतीय समेत 3 की मौत, 10 घायल ; 16 दिन में यहां 6 बड़े हमले

सऊदी के एयरपोर्ट, तेल ठिकाने पर हूती विद्रोहियों का हमला :1 भारतीय समेत 3 की मौत, 10 घायल ; 16 दिन में यहां 6 बड़े हमले

सऊदी अरब के दमाम एयरपोर्ट पर हमले के बाद आसमान में धुएं का गुबार उठता नजर आया।

एयरपोर्ट पर हमले के बाद विमानों का रास्ता बदला

सऊदी अरब के सिविल एविएशन अथॉरिटी ने गुरुवार को एयरपोर्ट पर हमले की जानकारी दी। इसमें एयरपोर्ट को भी नुकसान पहुंचा है।

दम्माम, फारस की खाड़ी के तट पर स्थित है। यह बहरीन और कतर के करीब है। दुनियाभर की उड़ानों पर नजर रखने वाली वेबसाइट फ्लाइटरडार24 ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि हमले के बाद विमानों को दूसरे रास्तों से भेजा जा रहा है।

इसके अलावा सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने बताया कि उसने देश के पूर्वी इलाके में चार ड्रोन हमलों को नाकाम किया है।

इस महीने सऊदी पर हुए बड़े हमले

इस महीने हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के बड़े एयरपोर्ट और दूसरी अहम जगहों पर मिसाइलों और अन्य हथियारों से हमले किए हैं।

6 अक्टूबर: जजान और नजरान के एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया। साथ ही दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को सऊदी एयर डिफेंस ने रोकने का दावा किया।

7 अक्टूबर: रियाद और अभा एयरपोर्ट पर हमले हुए। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक तीन विदेशी नागरिकों की मौत हुई और 36 लोग घायल हुए।

8 अक्टूबर: रियाद एयरपोर्ट पर एक और हमला हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, तीन सऊदी नागरिकों की मौत हुई। सरकारी एयरलाइन सऊदिया का एक विमान भी क्षतिग्रस्त हुआ।

10 अक्टूबर: रियाद एयरपोर्ट पर मिसाइल हमले में 1 भारतीय नागरिक समेत 13 लोगों की मौत हुई और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए। इसके बाद एयरपोर्ट पर उड़ानें रोकनी पड़ीं।

11 अक्टूबर: रियाद एयरपोर्ट पर एक मिसाइल या ड्रोन गिरा। एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हुई और 11 लोग घायल हुए।

रियाद एयरपोर्ट पर 10 अक्टूबर को हुए हमले का वीडियो। इस हमले में 13 लोगों की मौत हुई थी जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
रियाद एयरपोर्ट पर 10 अक्टूबर को हुए हमले का वीडियो। इस हमले में 13 लोगों की मौत हुई थी जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

अमेरिका ने अपने डिप्लोमैट्स वापस बुलाए

इन हमलों के बीच अमेरिका ने अपने कुछ राजनयिकों और सरकारी कर्मचारियों को परिवारों के साथ सऊदी अरब छोड़ने को कहा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि मंत्रालय के कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

मंत्रालय ने हूती विद्रोहियों की ओर से नागरिक एयरपोर्ट और दूसरी जरूरी सुविधाओं पर हो रहे हमलों को कर्मचारियों को हटाने की वजह बताया है।

अमेरिकी दूतावास फरवरी के आखिर में ईरान के खिलाफ शुरू हुए अमेरिकी युद्ध के शुरुआती दौर में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था।

इसके बाद वहां बहुत कम कर्मचारी काम कर रहे थे। हालांकि, हाल के हफ्तों में कुछ राजनयिक फिर से वहां लौटे थे।

UAE, जॉर्डन, कतर और बहरीन से भी लोगों को हटाने की खबरें

अमेरिकी राजनयिकों और उनके परिवारों को सऊदी अरब से हटाने के बीच अमेरिकी मीडिया ने UAE, जॉर्डन, कतर और बहरीन से भी अमेरिकी दूतावास के कर्मचारियों को वापस बुलाने की खबरें दीं।

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का प्रशासन ईरान पर फिर से हमले शुरू करने की योजनाएं बना रहा है।

हालांकि, बुधवार को अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने दूसरे देशों से लोगों को हटाने की खबरों को गलत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश सिर्फ सऊदी अरब के लिए दिया गया है।

पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी भी घटाई जा रही

NBC की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना हाल के दिनों में पश्चिम एशिया के कई सैन्य ठिकानों पर अपनी मौजूदगी धीरे-धीरे कम कर रही है।

हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एक प्रवक्ता ने कहा कि सैन्यकर्मियों को मिशन की तैयारी बेहतर रखने के लिए नियमित रूप से अलग-अलग जगहों पर भेजा जाता है।

खाड़ी देशों में बढ़ते हमलों और ईरान पर संभावित नई सैन्य कार्रवाई की खबरों के बीच पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है।

 

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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