देवी गीतों और भजनों से गूंजा रामेष्ट धाम, माता के जयकारों पर झूमीं महिलाएं
नवरात्रि उत्सव में भक्ति और उल्लास का संगम, फूलों और गुब्बारों से सजाया गया मंदिर परिसर

कानपुर। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर केशव नगर स्थित केशव मधुवन वाटिका के रामेष्ट धाम में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। केशव मधुवन सेवा समिति की महिला सदस्यों द्वारा आयोजित देवी गीत एवं भजन संध्या में माता रानी के भजनों की ऐसी रसधारा बही कि उपस्थित श्रद्धालु भक्ति में सराबोर होकर झूम उठे।
कार्यक्रम का आयोजन बड़े ही धूमधाम और श्रद्धाभाव के साथ किया गया। इस अवसर पर माता रानी का भव्य श्रृंगार किया गया, जबकि मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और गुब्बारों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। माता के जयकारों और भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
‘अम्बे तू है जगदम्बे काली’ भजन पर झूम उठीं महिलाएं
भजन संध्या के दौरान महिला सदस्यों ने ‘अम्बे तू है जगदम्बे काली’, ‘शेरावाली की महिमा अपार है’, ‘तेरे द्वार खड़ी हूं अम्बे मां’ और ‘लेकर मैया का श्रृंगार, करती मां की जय-जयकार’ सहित अनेक मनमोहक देवी गीत प्रस्तुत किए। भजनों की मधुर स्वर लहरियों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। कार्यक्रम के दौरान माता रानी के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।
महिलाओं ने बढ़-चढ़कर निभाई भागीदारी
इस धार्मिक आयोजन में राजेश्वरी दुबे, रेनू अवस्थी, बेबी शुक्ला, प्रेमलता सिंह, जयंती बाजपेई, मधु मिश्रा, पूनम, जया त्रिपाठी, रेखा, मोहनी बाजपेई, पिंकी त्रिवेदी, सीमा शुक्ला, ऊषा वर्मा, रीता निगम, बबली, स्मिता, मीरा त्रिपाठी और बिनीता दीक्षित सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।
केशव मधुवन सेवा समिति के महासचिव राजेन्द्र अवस्थी ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम का उद्देश्य श्रद्धालुओं को माता रानी की भक्ति से जोड़ना और समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देना है।


