कानपुर में ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में छूटा तौलिया, चार महीने बाद दोबारा सर्जरी में निकला
कल्याणपुर के निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप, सीएमओ ने तीन डॉक्टरों की कमेटी गठित कर जांच के दिए निर्देश
कानपुर नगर। कल्याणपुर क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में तौलिया छूट जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि करीब चार महीने तक महिला के पेट में तौलिया फंसा रहा। इस दौरान उसकी हालत बिगड़ने पर अकबरपुर के एक अस्पताल में दोबारा ऑपरेशन किया गया, जहां पेट से तौलिया निकाला गया। मामले में पीड़िता के पति ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल और कल्याणपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. हरिदत्त नेमी ने मामले की जांच के लिए तीन डॉक्टरों की कमेटी गठित की है।
पेट दर्द की शिकायत पर कराया था ऑपरेशन
कानपुर देहात निवासी मजदूर वीरेंद्र कुमार के मुताबिक, करीब चार महीने पहले उनकी 24 वर्षीय पत्नी सोनी के पेट में तेज दर्द हुआ था। इसके बाद उन्हें मकसूदाबाद स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों के अनुसार, वहां डॉक्टरों ने बच्चेदानी की ट्यूब फटने और पेट में खून जमा होने की बात बताई थी। इसके बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी।
चार महीने बाद बिगड़ी हालत, दोबारा ऑपरेशन में निकला तौलिया
वीरेंद्र कुमार का आरोप है कि उनकी पत्नी का ऑपरेशन दूसरे अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में किया गया था। इस उपचार के लिए उनसे करीब डेढ़ लाख रुपये भी लिए गए थे। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में तौलिया छूट गया।
करीब चार महीने बाद सोनी के पेट में दोबारा तेज दर्द होने लगा। ऑपरेशन के घाव से मवाद निकलने की समस्या भी सामने आई। इसके बाद परिजन उन्हें अकबरपुर स्थित एक अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां दोबारा ऑपरेशन किए जाने पर पेट के अंदर फंसा तौलिया मिलने की बात सामने आई।
सीएमओ ने गठित की तीन डॉक्टरों की जांच कमेटी
मामले को लेकर पीड़िता के पति ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल और कल्याणपुर थाने में शिकायत की है। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने भी मामले का संज्ञान लिया है। सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने तीन डॉक्टरों की जांच कमेटी गठित कर मामले की पड़ताल के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल, सोनी अस्पताल में भर्ती हैं। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि ऑपरेशन के दौरान किन परिस्थितियों में तौलिया पेट के अंदर छूटा और इस मामले में किसकी जिम्मेदारी तय होती है।


