जयशंकर और यूएई के उप प्रधानमंत्री की अहम बैठक, भारत-मध्य पूर्व साझेदारी और वैश्विक हालात पर मंथन

जयशंकर और यूएई के उप प्रधानमंत्री की अहम बैठक, भारत-मध्य पूर्व साझेदारी और वैश्विक हालात पर मंथन

अबू धाबी। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल-नाहयान के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के साथ द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक परिस्थितियों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। बैठक में बदलती अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, नई रणनीतिक साझेदारियों की आवश्यकता और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार जैसे मुद्दों पर जोर दिया गया। जयशंकर ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत और यूएई के संबंधों में हुई प्रगति इस बात का उदाहरण है कि दोनों देश बदलते वैश्विक माहौल के अनुरूप अपने सहयोग को किस तरह आगे बढ़ा रहे हैं।

जयशंकर ने सोशल मीडिया पर बैठक को उपयोगी और सकारात्मक बताते हुए कहा कि दोनों देशों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी की भावना के अनुरूप विभिन्न द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। भारत और यूएई के संबंध पिछले कुछ वर्षों में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और क्षेत्रीय सहयोग जैसे क्षेत्रों में मजबूत हुए हैं। ऐसे में दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत को भविष्य के सहयोग की दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बदलती वैश्विक व्यवस्था में नए विकल्प जरूरी

बैठक के दौरान जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में तेजी से हो रहे बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में परिवर्तन केवल दीर्घकालिक रुझानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अचानक पैदा होने वाले संकट और घटनाएं भी देशों की नीतियों को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे माहौल में प्रत्येक देश को अपनी परिस्थितियों और राष्ट्रीय हितों के अनुरूप निर्णय लेने पड़ते हैं। इसके लिए नए सहयोगियों और साझेदारियों की तलाश करना भी आवश्यक हो जाता है।

विदेश मंत्री के अनुसार, देशों को पारंपरिक सोच और स्थापित दायरों से बाहर निकलकर अधिक रणनीतिक जागरूकता विकसित करनी होगी। बदलते हालात में केवल पुराने संबंधों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। देशों को नए विकल्प तलाशने, आपसी सहयोग बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर लगातार नजर रखने की जरूरत है। भारत और यूएई के बीच मजबूत होते संबंध इसी दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।

बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार पर जोर

जयशंकर ने वैश्विक संस्थाओं की कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता भी उठाई। उनका मानना है कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुरूप बहुपक्षवाद को अधिक प्रभावी बनाना जरूरी है। इसके लिए छोटे देशों या समान हितों वाले देशों के समूहों के बीच सहयोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऐसे समूह किसी विशेष मुद्दे पर तेजी से बातचीत कर सकते हैं और व्यावहारिक समाधान निकालने में योगदान दे सकते हैं।

वैश्विक चुनौतियों में आर्थिक अस्थिरता, क्षेत्रीय संघर्ष, ऊर्जा सुरक्षा और बदलते सामरिक समीकरण शामिल हैं। इन परिस्थितियों में देशों के बीच संवाद और सहयोग की भूमिका बढ़ जाती है। भारत और यूएई के बीच रणनीतिक साझेदारी को इसी व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है।

भारत-यूएई संबंधों ने पिछले दशक में हासिल की मजबूती

जयशंकर ने कहा कि पिछले दस वर्षों में भारत और यूएई की साझेदारी ने बदलते वैश्विक वातावरण के अनुरूप सहयोग बढ़ाने का उदाहरण पेश किया है। दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों का विस्तार हुआ है। व्यापार और निवेश के अलावा ऊर्जा, संपर्क व्यवस्था, शिक्षा, पर्यटन तथा लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग की संभावनाएं बनी हुई हैं।

भारत के लिए यूएई खाड़ी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार है, जबकि यूएई के लिए भारत बड़ा बाजार और आर्थिक सहयोग का अहम केंद्र है। दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक विकास के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हैं। बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात में यह साझेदारी दोनों देशों को नए अवसर तलाशने में मदद कर सकती है।

जॉर्जिया के विदेश मंत्री से भी की मुलाकात

यूएई की यात्रा के दौरान जयशंकर ने जॉर्जिया की विदेश मंत्री माका बोटचोरिशविली से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने व्यापार, पर्यटन, शिक्षा, कारोबार, संपर्क व्यवस्था, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। बातचीत में मौजूदा क्षेत्रीय घटनाक्रम पर भी विचार किया गया।

जयशंकर ने कहा कि भारत और जॉर्जिया के संबंध विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। दोनों देशों के बीच कारोबार और लोगों के आपसी संपर्क को और गहरा करने की संभावनाएं हैं। शिक्षा, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से संबंधों को नई दिशा दी जा सकती है।

तीन दिवसीय दौरे पर यूएई पहुंचे जयशंकर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर 14 से 16 अक्टूबर तक के तीन दिवसीय दौरे पर यूएई पहुंचे हैं। इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने और क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर सहयोग मजबूत करना है। यूएई नेतृत्व के साथ उनकी बातचीत और जॉर्जिया की विदेश मंत्री से मुलाकात भारत की सक्रिय कूटनीति को दर्शाती है। बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत विभिन्न देशों के साथ संवाद बढ़ाकर आर्थिक, रणनीतिक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए रास्ते तलाश रहा है।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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