कानपुर रिंग रोड और एलिवेटेड रेलवे ट्रैक को मिलेगी गति, डीएम ने दिए भूमि संबंधी बाधाएं दूर करने के निर्देश
सीयूजीएल और विद्युत उपकेंद्र की प्रभावित परिसंपत्तियों का होगा मूल्यांकन, रेलवे को टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश
कानपुर । कानपुर में रिंग रोड और मंधना-अनवरगंज एलिवेटेड रेलवे ट्रैक परियोजनाओं को गति देने के लिए जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने भूमि अधिग्रहण, परिसंपत्तियों की शिफ्टिंग और लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि महत्वपूर्ण परियोजनाओं के निर्माण में अनावश्यक देरी न हो।
रिंग रोड के रास्ते में आ रहा सीयूजीएल कार्यालय का हिस्सा
कानपुर रिंग रोड परियोजना के पैकेज-3 की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित मार्ग में सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड (सीयूजीएल) के पंप कार्यालय का कुछ हिस्सा प्रभावित हो रहा है। इस केंद्र से पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति की जाती है। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने प्रभावित हिस्से और संबंधित गैस पाइपलाइनों की शिफ्टिंग के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि गैस आपूर्ति व्यवस्था बाधित न हो।
बैठक में बताया गया कि संबंधित भूमि कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) की है, जिसे सीयूजीएल को लीज पर आवंटित किया गया है। जिलाधिकारी ने नियमानुसार भूमि का मुआवजा केडीए को और प्रभावित परिसंपत्तियों का मुआवजा सीयूजीएल को दिए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित परिसंपत्तियों का मूल्यांकन कर मुआवजे की गणना कराने को भी कहा।
विद्युत उपकेंद्र से जुड़ी बाधाएं दूर करने के निर्देश
रिंग रोड के पैकेज-3 के प्रस्तावित मार्ग में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के विद्युत उपकेंद्र का भी कुछ हिस्सा आ रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने अधीक्षण अभियंता को संबंधित बाधाओं का समाधान कराने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्य सुचारु रूप से आगे बढ़ सके।
15.51 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड ट्रैक की भी समीक्षा
मंधना-अनवरगंज एलिवेटेड रेलवे ट्रैक परियोजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने 15.51 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित ट्रैक से संबंधित भूमि और निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।
उन्होंने बगदौदी बांगर, कल्याणपुर कला और जरीब चौकी क्षेत्र में परियोजना से प्रभावित होने वाले मकानों एवं भूमि के संबंध में संबंधित भू-स्वामियों और भवन स्वामियों से संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही नियमानुसार भूमि प्राप्त करने और प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने रेलवे अधिकारियों को टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए, जिससे परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने की दिशा में काम आगे बढ़ाया जा सके।
विभागों के बीच समन्वय पर जोर
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि दोनों परियोजनाएं महत्वपूर्ण हैं। इनके क्रियान्वयन में भूमि, परिसंपत्तियों की शिफ्टिंग और तकनीकी मामलों से जुड़ी बाधाओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय बनाए रखें, ताकि निर्धारित प्रक्रिया के तहत निर्माण कार्यों को गति मिल सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी सदर अनुभव सिंह, परियोजना निदेशक एनएचएआई पंकज यादव, अपर जिलाधिकारी (भूमि अध्याप्ति) सहित रेलवे, केडीए, सीयूजीएल, विद्युत विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

