कानपुर की छतों पर 172 मेगावाट की ‘सौर शक्ति’, प्रदेश में तीसरा स्थान
पीएम सूर्य घर योजना से 53,382 घर जुड़े, 432.18 करोड़ रुपये की सब्सिडी वितरित
कानपुर नगर। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत कानपुर में रूफटॉप सोलर को तेजी से बढ़ावा मिल रहा है। जिले में अब तक 53,382 घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं, जिससे कुल 172.06 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित हो गई है। योजना के क्रियान्वयन में कानपुर नगर पूरे प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। लाभार्थियों को अब तक 432.18 करोड़ रुपये की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने मंगलवार को विकास भवन सभागार में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में पीओ नेडा राकेश कुमार पाण्डेय सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। सीडीओ ने सोलर प्लांट स्थापना, निर्धारित लक्ष्य, सब्सिडी वितरण और योजना की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की।
सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में रूफटॉप सोलर की मौजूदा रफ्तार को और बढ़ाया जाए तथा अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना से जोड़ा जाए। उन्होंने योजना के लाभ और उपलब्ध सब्सिडी के संबंध में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए योजना से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि पात्र परिवारों को आसानी से योजना का लाभ मिल सके।
छह माह में 25 हजार से अधिक घरों में लगा सोलर
वित्तीय वर्ष 2026-27 में कानपुर नगर को 42,684 सोलर प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य दिया गया है। अप्रैल से सितंबर तक छह माह के लिए निर्धारित लक्ष्य 21,342 प्लांट था। इसके मुकाबले जिले में 25,035 सोलर प्लांट स्थापित किए गए।
इस तरह जिले ने छह माह के निर्धारित लक्ष्य से 3,693 अधिक प्लांट स्थापित किए और 117.3 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की।
मासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल में 3,410, मई में 4,088, जून में 4,216, जुलाई में 4,757, अगस्त में 4,385 और सितंबर में 4,179 सोलर प्लांट स्थापित हुए। जुलाई में सर्वाधिक 4,757 प्लांट लगाए गए। मई से सितंबर तक लगातार हर महीने जिले ने निर्धारित मासिक लक्ष्य को पीछे छोड़ा।
सौर ऊर्जा से 1.30 लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी
रूफटॉप सोलर का विस्तार बिजली के खर्च में कमी के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में स्थापित सौर क्षमता से अब तक अनुमानित 1,30,764 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है।
जिले में विकसित 172.06 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा क्षमता से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने के साथ स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
क्या है पीएम सूर्य घर योजना?
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को घर की छत पर सोलर प्लांट लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से अनुदान दिया जाता है।
केंद्र सरकार की ओर से 30,000 रुपये प्रति किलोवाट, अधिकतम 78,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है। वहीं राज्य सरकार की ओर से 15,000 रुपये प्रति किलोवाट, अधिकतम 30,000 रुपये तक का अनुदान दिया जाता है।
इस प्रकार पात्र घरेलू उपभोक्ता को निर्धारित क्षमता का रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने पर केंद्र और राज्य सरकार से मिलाकर अधिकतम 1.08 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है।
योजना का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली खर्च को कम करने के साथ रूफटॉप सोलर और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है। घर की छत पर लगे सोलर प्लांट से पैदा बिजली का उपयोग उपभोक्ता स्वयं कर सकता है, जबकि अतिरिक्त बिजली का नेट मीटरिंग के माध्यम से समायोजन किया जा सकता है।
एक नजर में
- 53,382 घरों में सोलर प्लांट स्थापित
- 172.06 मेगावाट कुल स्थापित सौर क्षमता
- प्रदेश में तीसरा स्थान
- 432.18 करोड़ रुपये की सब्सिडी वितरित
- 42,684 प्लांट का वित्तीय वर्ष 2026-27 का लक्ष्य
- 25,035 प्लांट अप्रैल से सितंबर के बीच स्थापित
- 117.3 प्रतिशत छह माह के लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि
- 1,30,764 टन कार्बन उत्सर्जन में अनुमानित कमी

