देर रात शुरू हुआ मौरम धुलाई सेंटर, प्रशासन ने छापा मारकर कराया बंद

देर रात शुरू हुआ मौरम धुलाई सेंटर, प्रशासन ने छापा मारकर कराया बंद

परास चौराहे के पास कार्रवाई, मौके पर मिला संचालन; संचालक पुलिस के हवाले, दोबारा खुला तो होगी कड़ी कार्रवाई

कानपुर। घाटमपुर क्षेत्र में अवैध मौरम धुलाई सेंटरों के खिलाफ तहसील प्रशासन ने एक बार फिर कार्रवाई तेज कर दी है। रविवार देर रात परास चौराहे के पास शुरू किए गए एक मौरम धुलाई सेंटर की सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच गई। जांच के दौरान सेंटर संचालित मिलता देख अधिकारियों ने तत्काल उसका संचालन बंद करा दिया। मौके पर मौजूद संचालक रामजीवन कोरी को हिरासत में लेकर थाना घाटमपुर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
बताया गया कि रविवार देर रात प्रशासन को सूचना मिली कि परास चौराहे के पास मौरम धुलाई सेंटर दोबारा शुरू किया गया है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम अविचल प्रताप सिंह के निर्देश पर तहसील प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। टीम के पहुंचते ही सेंटर पर गतिविधियां संचालित मिलीं। अधिकारियों ने मौके की स्थिति का जायजा लेने के बाद तत्काल धुलाई का काम बंद कराया।
चेतावनी के बाद पुलिस के हवाले
प्रशासनिक अधिकारियों ने सेंटर संचालक को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि बिना अनुमति दोबारा धुलाई सेंटर संचालित करने का प्रयास न किया जाए। अधिकारियों ने कहा कि दोबारा संचालन मिलने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद संचालक रामजीवन कोरी को थाना घाटमपुर पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पहले भी कई सेंटरों पर हुई कार्रवाई
एसडीएम अविचल प्रताप सिंह ने बताया कि घाटमपुर क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित मौरम धुलाई सेंटरों के खिलाफ पूर्व में भी अभियान चलाकर कार्रवाई की गई है। कई सेंटरों को बंद कराया जा चुका है। कुछ मामलों में नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भी भेजा गया था।
उन्होंने बताया कि पूर्व में प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ कुछ लोगों की ओर से हाईकोर्ट में रिट याचिकाएं भी दाखिल की गई थीं। हालांकि, संबंधित मामलों में संचालकों को न्यायालय से राहत नहीं मिली। इसके बाद भी यदि कोई व्यक्ति बंद कराए गए सेंटरों को दोबारा शुरू करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भूगर्भ जल के दोहन का भी आरोप
एसडीएम के मुताबिक अवैध मौरम धुलाई सेंटर केवल नियमों का उल्लंघन ही नहीं करते, बल्कि इनसे कई स्तर पर नुकसान की शिकायतें सामने आती हैं। धुलाई के लिए बड़ी मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है, जिससे भूगर्भ जल का अंधाधुंध दोहन होने की आशंका रहती है। इसके अलावा भारी वाहनों की आवाजाही से सड़कों के क्षतिग्रस्त होने और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।
उन्होंने बताया कि ऐसे सेंटरों से पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ विद्युत चोरी जैसी शिकायतें भी सामने आती रही हैं। इसी को देखते हुए प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर लगातार निगरानी की जा रही है।
रात में भी प्रशासन की नजर
परास चौराहे के पास देर रात शुरू हुए सेंटर पर हुई कार्रवाई से स्पष्ट है कि प्रशासन अब दिन के साथ रात में भी ऐसे स्थानों पर नजर रख रहा है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में पूर्व में बंद कराए गए धुलाई सेंटरों की भी निगरानी की जा रही है। यदि कहीं दोबारा अवैध गतिविधि शुरू होती है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम ने कहा कि पिछले वर्ष से क्षेत्र में अवैध मौरम धुलाई सेंटरों के खिलाफ सघन निगरानी और कार्रवाई का सिलसिला जारी है। संबंधित विभागों के सहयोग से ऐसे सेंटरों को बंद कराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी कर दोबारा सेंटर संचालित करने वालों के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *