गांधी-शास्त्री जयंती पर सेनानी परिवारों का सम्मान
डीएम ने प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि, बच्चों को बांटी मिठाई

कानपुर। गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
इस दौरान जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को शॉल पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मौजूद बच्चों को मिठाई और चॉकलेट भी वितरित की गई।
डीएम ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का जीवन सादगी, त्याग और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। गांधी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी और लोगों में एकजुट होकर अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष करने का विश्वास पैदा किया।
उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा गांधी को ‘राष्ट्रपिता’ कहकर संबोधित किया जाना उनके व्यापक प्रभाव को दर्शाता है। गांधी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि विचार और मूल्यों के प्रतीक थे।
जिलाधिकारी ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री का जीवन भी सादगी और राष्ट्रसेवा की मिसाल है। उनका दिया ‘जय जवान, जय किसान’ का मंत्र आज भी प्रेरणा देता है। बाद में इसमें ‘जय विज्ञान’ को जोड़ा गया और देश विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से गांधी और शास्त्री के आदर्शों को व्यवहार में उतारने तथा प्रशासनिक कार्यों में सेवा, संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
डीएम ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना होगा।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी, अपर नगर मजिस्ट्रेट, कलेक्ट्रेट के अधिकारी-कर्मचारी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन और बच्चे मौजूद रहे।

