आर्थिक संकट में उठाया खौफनाक कदम, 12 दिन बाद उपचार के दौरान तोड़ा दम
कानपुर। बर्रा थाना क्षेत्र के गुंजन बिहार में आर्थिक तंगी से परेशान युवक ने करीब 12 दिन पहले फांसी लगाकर जान देने का प्रयास किया था। परिजनों ने उसे फंदे से उतारकर निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से हालत गंभीर होने पर हैलट रेफर कर दिया गया। करीब 12 दिनों तक चले उपचार के बाद बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची बर्रा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गुंजन बिहार निवासी रामशंकर वर्मा हलवाई का काम करते हैं। उनके परिवार में पत्नी आशा वर्मा, बड़ा बेटा संजय वर्मा (35) और छोटा बेटा मनोज है। संजय की पत्नी दिव्या, बेटा विवेक और बेटी नंदनी हैं।
परिजनों के मुताबिक करीब दो साल पहले संजय को लखनऊ में इलेक्ट्रॉनिक वायरिंग का काम मिला था। काम पूरा करने के बाद लौटते समय लखनऊ में ही उसका एक्सीडेंट हो गया था। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। लंबे समय तक उपचार चलने और काम न कर पाने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ती चली गई। उपचार में खर्च और आमदनी बंद होने से परिवार पर आर्थिक संकट बढ़ गया।
परिजनों ने बताया कि हादसे के बाद संजय काफी समय तक घर पर ही रहा। आर्थिक परेशानी बढ़ने के कारण वह परेशान रहने लगा था। इसी दौरान उसका शराब का सेवन भी बढ़ गया था। वह परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंतित रहता था।
परिजनों के अनुसार 18 सितंबर की देर रात संजय की पत्नी और बच्चे दूसरे कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान उसने कमरे में फांसी लगाकर जान देने का प्रयास किया। कुछ देर बाद कमरे से खटपट की आवाज सुनकर परिजन वहां पहुंचे तो संजय को फंदे पर लटका देखा। परिजनों ने आनन-फानन उसे नीचे उतारा और निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे हैलट अस्पताल रेफर कर दिया।
हैलट में करीब 12 दिनों तक उपचार चलने के बाद बुधवार सुबह संजय की मौत हो गई। पति की मौत की खबर मिलते ही पत्नी दिव्या और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार में मातम छा गया।
बर्रा थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों के अनुसार संजय आर्थिक तंगी से परेशान था और शराब का भी सेवन करता था। करीब 12 दिन पहले उसने फांसी लगाकर जान देने का प्रयास किया था। उपचार के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

