मन की बात में पीएम मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर जनगणना तक कई मुद्दों का किया जिक्र

मन की बात में पीएम मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर जनगणना तक कई मुद्दों का किया जिक्र

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर समेत कई राष्ट्रीय मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति, 9/11 हमले के पीड़ितों, अशोक सिंहल की जन्म शताब्दी और गुजरात के मोढेरा सूर्य मंदिर के इतिहास पर भी बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति स्पष्ट रही है और देश ने समय-समय पर इसका जवाब दिया है। उन्होंने 28-29 सितंबर 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक को याद करते हुए कहा कि भारतीय सेना के जवानों ने नियंत्रण रेखा के पार जाकर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की थी। उन्होंने इसे आतंकवादी हमलों के जवाब में भारत की निर्णायक कार्रवाई बताया।

प्रधानमंत्री ने बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को लगातार स्पष्ट किया है। इस दौरान उन्होंने 2008 के दिल्ली सीरियल ब्लास्ट और 26/11 मुंबई हमले को भी याद किया। साथ ही 9/11 हमले के 25 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए उसमें मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई।

कार्यक्रम में अशोक सिंहल की जन्म शताब्दी का भी जिक्र हुआ। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका जन्म 27 सितंबर 1926 को आगरा में हुआ था। उन्होंने सामाजिक जीवन में उनके योगदान और राम जन्मभूमि आंदोलन में उनकी भूमिका को याद किया। इसके अलावा गुजरात के मोढेरा सूर्य मंदिर की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मंदिर का निर्माण राजा भीमदेव ने कराया था। उन्होंने मंदिर से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं और आज के मोढेरा के सौर ऊर्जा से जुड़े प्रयासों का भी जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के कई उदाहरण भी साझा किए। असम के सोनाई रुपाई वन्यजीव अभयारण्य में हाथियों की वापसी का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि अतिक्रमण हटाए जाने के बाद वन क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। असम में पिग्मी हॉग संरक्षण कार्यक्रम का भी जिक्र हुआ। उन्होंने बताया कि कुछ पिग्मी हॉग से शुरू हुआ संरक्षण प्रयास अब 190 से अधिक की संख्या तक पहुंच चुका है।

पश्चिम बंगाल के झारखाली की महिलाओं के मैंग्रोव संरक्षण प्रयासों को भी कार्यक्रम में जगह मिली। प्रधानमंत्री ने बताया कि इन महिलाओं ने मैंग्रोव के पेड़ लगाकर गांवों के लिए प्राकृतिक सुरक्षा-कवच तैयार करने में योगदान दिया है। इसके साथ ही इस काम से उन्हें आजीविका का साधन भी मिल रहा है।

युवाओं से जुड़े मुद्दों पर प्रधानमंत्री ने नशामुक्ति अभियान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवाओं ने नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया है। खेल प्रतिभाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने राजिंदर सिंह सीनियर के गांवों में हॉकी प्रतिभाओं को तलाशने और प्रशिक्षण देने के प्रयासों का उल्लेख किया।

प्रतापगढ़ के आंवले से जुड़े रोजगार और महिला सशक्तीकरण का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि स्थानीय स्तर पर आंवला प्रसंस्करण की कई इकाइयां काम कर रही हैं। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं आंवले से कैंडी, मुरब्बा और जूस जैसे उत्पाद तैयार कर रही हैं। इससे किसानों और महिलाओं के लिए आय के नए अवसर बने हैं।

विरासत से संरक्षण तक कई पहल का जिक्र

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने देश की ऐतिहासिक और प्राकृतिक विरासत से जुड़े कई उदाहरण सामने रखे। तमिलनाडु के मनप्पारई में पुरानी परंपराओं और विरासत को जीवंत रखने के प्रयासों का उल्लेख किया। असम के सोनाई रुपाई में हाथियों की वापसी और पिग्मी हॉग के संरक्षण को पर्यावरण के प्रति सामुदायिक प्रयासों से जोड़कर बताया। पश्चिम बंगाल के झारखाली में महिलाओं द्वारा मैंग्रोव लगाने की पहल का भी उल्लेख हुआ। इन उदाहरणों के जरिए स्थानीय लोगों की भागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और आजीविका के बीच संबंध पर ध्यान दिया गया।

पोषण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी चर्चा

प्रधानमंत्री ने कुपोषण से मुकाबले के लिए अलग-अलग राज्यों में चल रही पहलों का भी उल्लेख किया। छत्तीसगढ़ में मुनगा को खान-पान का हिस्सा बनाने, गुजरात में मिलेट्स से जुड़े प्रयासों और मिजोरम में पोषण वाटिकाओं की देखभाल जैसे उदाहरण सामने रखे गए। महाराष्ट्र में भी पोषण से जुड़े प्रयासों का जिक्र हुआ। वहीं प्रतापगढ़ के आंवला उत्पादों को स्थानीय अर्थव्यवस्था और स्वयं सहायता समूहों से जोड़ते हुए महिलाओं की भूमिका बताई गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रयास पोषण, रोजगार और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने में योगदान कर सकते हैं।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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