बारिश से बिधनू बेहाल, घरों में कैद जिंदगी; गलियों में चल रही नाव
कानपुर। लगातार हो रही बारिश ने बिधनू क्षेत्र में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। ब्लॉक रोड, अफजलपुर, रमईपुर, मझावन समेत कई कस्बों और गांवों में भीषण जलभराव से हालात बाढ़ जैसे हो गए हैं। सड़कें और गलियां पानी में डूब गई हैं और कई घरों के अंदर तक पानी पहुंचने से लोग अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं।
मझावन में सबसे ज्यादा खराब हालात देखने को मिल रहे हैं। कैनरा बैंक के पीछे बने मोहल्ले में बारिश का पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया है। घरों में पानी भरने से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल हो गई है। कई परिवारों के घरेलू सामान भी पानी की चपेट में आ गए हैं। खाना बनाने के लिए लोगों को तख्त और चारपाई का सहारा लेना पड़ रहा है।
हालात इतने बिगड़ गए हैं कि मोहल्ले की गलियों में पैदल निकलना भी मुश्किल है। जरूरी काम से बाहर जाने वाले लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। जिन गलियों में रोजाना लोगों की आवाजाही रहती थी, वहां अब पानी ही पानी नजर आ रहा है।
ब्लॉक रोड पर बाढ़ जैसे हालात

बिधनू ब्लॉक रोड के आसपास भी भीषण जलभराव ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। आसपास के घरों में रहने वाले लोगों के सामने बाहर निकलने का संकट खड़ा हो गया है। कई परिवारों ने पानी के बढ़ते स्तर को देखते हुए खुद को घरों के भीतर ही सीमित कर लिया है।
रमईपुर और अफजलपुर भी जलमग्न

रमईपुर और अफजलपुर में भी बारिश के बाद जगह-जगह पानी भर गया है। निचले इलाकों में रहने वाले परिवार सबसे ज्यादा परेशान हैं। लोगों का कहना है कि लगातार बारिश होने से पानी लगातार बढ़ रहा है और यदि बारिश नहीं रुकी तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के दौरान हर बार ऐसे हालात बनते हैं। इस बार लगातार बारिश ने समस्या को और विकराल कर दिया है। कहीं लोग चारपाई पर बैठकर खाना बनाने को मजबूर हैं तो कहीं घर से बाहर निकलने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
घरों में कैद हुई जिंदगी

बारिश और जलभराव ने लोगों की सामान्य जिंदगी रोक दी है। बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर निकालना मुश्किल हो गया है। जरूरी सामान लेने के लिए भी लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। कई परिवारों को डर है कि यदि पानी और बढ़ा तो घरों के भीतर रहना भी मुश्किल हो जाएगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जलनिकासी कराने, जलभराव वाले इलाकों में राहत और बचाव की व्यवस्था करने तथा प्रभावित परिवारों की मदद करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सिर्फ बारिश रुकने का इंतजार करने के बजाय पानी की निकासी के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।

