सितंबर खत्म होने से पहले सुधरेंगी शहर की सड़कें
सितंबर खत्म होने से पहले सुधरेंगी शहर की सड़कें
मंडलायुक्त सख्त, नगर निगम की 38 सड़कों का काम एक सप्ताह में पूरा कराने के निर्देश; लापरवाही पर अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी
कानपुर। बारिश के बाद शहर की बदहाल सड़कों को लेकर मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने नगर क्षेत्र की सभी सड़कों को सितंबर के अंत तक आवागमन के योग्य बनाने के निर्देश दिए हैं। जिन स्थानों पर सड़क का पूरी तरह निर्माण या डामरीकरण संभव नहीं है, वहां तत्काल पैचवर्क कर गड्ढों को भरते हुए सड़क को मोटरेबल रखने के लिए कहा गया है।
आयुक्त शिविर कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त ने नगर निगम समेत सड़क निर्माण और अनुरक्षण से जुड़े सभी विभागों से उनके अधीन आने वाली सड़कों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने विभागवार सर्वे कर क्षतिग्रस्त सड़कों और गड्ढों को चिह्नित करने के निर्देश दिए। कहा कि बारिश के कारण खराब हुई सड़कों की मरम्मत में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।
नगर निगम ने बैठक में बताया कि शहर की 38 सड़कों पर मरम्मत का काम चल रहा है। मंडलायुक्त ने इन सभी कार्यों को एक सप्ताह के भीतर पूरा कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही निगम की अन्य सड़कों का भी निरीक्षण कर जहां जरूरत हो, वहां पैचवर्क कराने को कहा।
जीटी रोड पर तत्काल पैचवर्क
लोक निर्माण विभाग ने बताया कि नगर क्षेत्र की 18 सड़कों को मरम्मत के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें 13 सड़कें आवागमन के लिए तैयार की जा चुकी हैं, जबकि पांच पर काम चल रहा है। मंडलायुक्त ने शेष सड़कों का काम जल्द पूरा कराने के साथ जीटी रोड पर तत्काल पैचवर्क कराने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के अधिकारियों ने बताया कि बारिश के चलते फिलहाल डामरीकरण का काम नहीं कराया जा रहा है। इस पर मंडलायुक्त ने कहा कि मौसम अनुकूल होने का इंतजार करते हुए लोगों को खराब सड़क पर चलने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। डामरीकरण होने तक आवश्यक पैचवर्क कर सड़क को आवागमन योग्य रखा जाए।
हर विभाग को अपने मार्ग की निगरानी करनी होगी
मंडलायुक्त ने सड़क से जुड़े सभी विभागों को अपने-अपने स्वामित्व वाली सड़कों की नियमित निगरानी करने को कहा। कहीं गड्ढा मिलने या सड़क क्षतिग्रस्त होने पर तत्काल मरम्मत कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सितंबर के अंत तक शहर की सड़कों की स्थिति में स्पष्ट सुधार दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि सड़कें खराब मिलने और समय से मरम्मत न कराने पर संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजने के साथ आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।

