नरवल समाधान दिवस में 11 फरियादियों को मौके पर मिली राहत
186 शिकायतें आईं, नामांतरण से लेकर खतौनी संशोधन और दिव्यांग प्रमाणपत्र तक के मामले निपटाए गए
कानपुर। नरवल तहसील में शनिवार को जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न विभागों से जुड़ी 186 शिकायतें पहुंचीं। अधिकारियों ने सुनवाई के दौरान 11 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर फरियादियों को राहत दी। शेष शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए।
समाधान दिवस में राजस्व अभिलेखों से जुड़े मामलों की संख्या अधिक रही। किदवई नगर निवासी सुशीला चौरसिया के नामांतरण आदेश का अमलदरामद कर उन्हें खतौनी उपलब्ध कराई गई। राजामार्केट निवासी पूजा शर्मा का मई 2025 से लंबित नामांतरण संबंधी मामला भी निस्तारित कराया गया और उन्हें खतौनी दी गई।
बंधक मुक्ति के बाद खतौनी में हुआ दर्ज
बगाही निवासी किरनपाल और शाहपुर निवासी कोकिला की जमीन बंधक मुक्त होने के बावजूद खतौनी में इसका अंकन नहीं हुआ था। दोनों मामलों में बंधक परवाने का अमलदरामद कर खतौनी उपलब्ध कराई गई। बर्रा निवासी रंजीत की खतौनी में दर्ज नाम में गलती को संशोधित किया गया। वहीं बरईगढ़ निवासी रमेश कुमार सिंह के मामले में अंश निर्धारण कर खतौनी उपलब्ध कराई गई।
दिव्यांग शिविर में भी मौके पर बने प्रमाणपत्र
समाधान दिवस के साथ विशेष दिव्यांग शिविर भी लगाया गया। सेमरझाल निवासी रमेशचंद्र धोबी और मडिलवां निवासी श्यामकली की मेडिकल बोर्ड से जांच के बाद मौके पर ही दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी किए गए। दलपतपुर निवासी स्वेता उत्तम का जाति प्रमाणपत्र संबंधी आवेदन भी निस्तारित कर प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया गया।
बारिश में गिरे मकान की सहायता पर रिपोर्ट भेजी
दैवीय आपदा से जुड़े मामलों में हरीपुर मजरा गुगुरा निवासी अटल बिहारी के बारिश में मकान गिरने के प्रकरण की जांच कराई गई। नियमानुसार सहायता के लिए रिपोर्ट स्वीकृत कर भेजी गई। वहीं गणेशीपुर मजरा नेवादा उजागर निवासी राम सिंह को बताया गया कि दैवीय आपदा के तहत स्वीकृत सहायता राशि पहले ही उनके बैंक खाते में भेजी जा चुकी है।
राजस्व की सबसे ज्यादा 85 शिकायतें
समाधान दिवस में सबसे अधिक 85 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं। विकास विभाग की 47, राजस्व-पुलिस की संयुक्त 15, पुलिस की 12, विद्युत की आठ और पीडब्ल्यूडी की चार शिकायतें आईं। अन्य प्रकरण दूसरे विभागों से संबंधित रहे।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जरूरत के अनुसार शिकायतों का मौके पर जाकर सत्यापन कराया जाए। उन्होंने कहा कि निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। किसी भी प्रकरण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
इस दौरान डीसीपी ईस्ट सत्यजीत गुप्ता, सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी, एडीएम वित्त एवं राजस्व डॉ. विवेक चतुर्वेदी, एसडीएम नरवल सत्यपाल प्रजापति समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

