कानपुर से बिंदकी, बिल्हौर और घाटमपुर तक दौड़ेंगी ई-बसें, 300 नई बसों की तैयारी तेज

कानपुर से बिंदकी, बिल्हौर और घाटमपुर तक दौड़ेंगी ई-बसें, 300 नई बसों की तैयारी तेज

नगर निगम सीमा से बाहर ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों तक सेवा विस्तार का प्रस्ताव, कोपरगंज में आठ एकड़ जमीन चिह्नित; मंधना और चकेरी में भी बनेंगे चार्जिंग डिपो

कानपुर। मुख्यमंत्री की ओर से 300 नई ई-बसों के संचालन की घोषणा के बाद कानपुर में सार्वजनिक परिवहन का दायरा बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। अब तक शहर की नगर निगम सीमा तक सीमित ई-बसों को आसपास के कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों तक चलाने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए परिवहन प्रबंधन ने नए रूटों का खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर कानपुर के साथ फतेहपुर, कानपुर देहात और उन्नाव जिले के यात्रियों को भी बेहतर सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सकेगी।

प्रस्तावित रूटों में बिंदकी, बिल्हौर, घाटमपुर, बिठूर, जहानाबाद और कानपुर देहात के विभिन्न क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा बिंदकी से कानपुर आने वाले मार्ग पर स्थित तेंदुली, पहरवापुर, चौडगरा और औंग के लोगों को भी ई-बस सेवा का लाभ मिल सकता है। इन रूटों पर बसों का संचालन शुरू होने से रोजाना पढ़ाई, नौकरी और कारोबार के सिलसिले में कानपुर आने-जाने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

नगर विकास विभाग की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी योजना

फिलहाल निर्धारित नियमों के तहत ई-बसों का संचालन नगर निगम सीमा से बाहर नहीं किया जा सकता है। ऐसे में ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों तक सेवा विस्तार के लिए विस्तृत रूट चार्ट तैयार किया जा रहा है। इसे मंजूरी के लिए नगर विकास विभाग को भेजने की तैयारी है। शासन से अनुमति मिलने के बाद ही नए रूटों पर संचालन का रास्ता साफ होगा।

योजना लागू होने पर यात्रियों को वातानुकूलित और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिल सकेगा। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और सड़क यातायात का दबाव घटाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

डिपो और चार्जिंग स्टेशनों के लिए जमीन की तलाश

300 नई ई-बसों के संचालन के लिए केवल रूट तय करना ही नहीं, बल्कि उनके रखरखाव और चार्जिंग की व्यवस्था करना भी बड़ी चुनौती है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और परिवहन प्रबंधन की टीमें डिपो और चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए जमीन तलाश रही हैं।

योजना के तहत कोपरगंज में बस डिपो के लिए आठ एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। इसके अलावा मंधना और चकेरी एयरपोर्ट रोड के पास भी चार्जिंग डिपो विकसित करने की तैयारी है। जमीन और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद यहां आधुनिक चार्जिंग स्टेशन और मेंटेनेंस यार्ड बनाए जाने की योजना है।

डग्गामार वाहनों पर निर्भरता होगी कम

बिल्हौर, घाटमपुर, बिंदकी, जहानाबाद, बिठूर और कानपुर देहात के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र, नौकरीपेशा लोग और व्यापारी रोजाना कानपुर आते-जाते हैं। मौजूदा समय में कई यात्रियों को निजी वाहनों और डग्गामार वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है। प्रस्तावित ई-बस सेवा शुरू होने से उन्हें अपेक्षाकृत सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती परिवहन का विकल्प मिल सकता है।

शहर के भीतर भी नई बसों के संचालन से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। जाजमऊ, रामादेवी, झकरकटी, टाटमिल, नौबस्ता, कल्याणपुर और आईआईटी जैसे व्यस्त मार्गों पर यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

नगर विकास विभाग से हो चुका है टेंडर

कानपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (केसीटीएसएल) के मुख्य संचालन अधिकारी रजनीश राजपूत के मुताबिक, ई-बसों के लिए नगर विकास विभाग से टेंडर हो चुका है। नई बसों को केवल शहरी क्षेत्र तक सीमित रखने के बजाय फतेहपुर, कानपुर देहात और उन्नाव के ग्रामीण इलाकों तक चलाने की अनुमति लेने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

अब रूट चार्ट, संचालन की अनुमति और डिपो-चार्जिंग ढांचे की तैयारियों के पूरा होने पर इस योजना की आगे की दिशा तय होगी।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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