सड़क मरम्मत में लापरवाही पर डीएम सख्त, अधिशासी अभियंता से मांगा जवाब
समीक्षा बैठकों में गलत जानकारी देने और खराब गुणवत्ता पर जताई नाराजगी, तीन दिन में स्पष्टीकरण देने के निर्देश

कानपुर। जिले में सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों में लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने सख्त रुख अपनाया है। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाली सड़कों की खराब स्थिति और समीक्षा बैठकों में वास्तविक स्थिति से अलग जानकारी प्रस्तुत किए जाने पर उन्होंने अधिशासी अभियंता अरुण कुमार जयंत से तीन दिन के भीतर तथ्यात्मक स्पष्टीकरण मांगा है।
जिलाधिकारी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों की गुणवत्ता परखने के लिए लगातार रात्रिकालीन निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में 14 अक्टूबर को किए गए निरीक्षण के दौरान कई मार्गों की हालत विभागीय रिपोर्ट के विपरीत मिली। समीक्षा बैठकों में इन सड़कों को दुरुस्त कराए जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन मौके पर उनकी स्थिति बेहद खराब पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए।
निरीक्षण में कुछ मार्गों की मरम्मत के लिए दो-दो बार निविदा प्रक्रिया अपनाए जाने का मामला भी सामने आया। जिलाधिकारी ने एक ही मार्ग के लिए दोबारा निविदा जारी करने के औचित्य पर सवाल उठाते हुए संबंधित कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता से समीक्षा बैठकों में गलत तथ्य प्रस्तुत किए जाने के कारणों, लंबित मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्यों को पूरा करने की कार्ययोजना और एक ही मार्ग के लिए दो बार निविदा प्रक्रिया अपनाने के औचित्य पर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सड़क मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता तथा समयबद्धता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। समीक्षा बैठकों में गलत जानकारी देने और निर्धारित गुणवत्ता मानकों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।


