पांच लाख फर्जी ईमेल आईडी का नेटवर्क! घाटमपुर के युवक को ATS ने किया गिरफ्तार
पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत कई देशों में आईडी बेचने का आरोप, लैपटॉप से मिला रिकॉर्ड; स्कूलों और प्रतिष्ठानों को धमकी देने वाले ईमेल की जांच तेज
कानपुर नगर। उत्तर प्रदेश एटीएस ने फर्जी ईमेल आईडी बनाने और उन्हें विदेशों में बेचने के आरोप में घाटमपुर क्षेत्र के सजेती थाना अंतर्गत अनोइया गांव निवासी 24 वर्षीय अंकित शंखवार को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी के लैपटॉप से करीब पांच लाख ईमेल आईडी का रिकॉर्ड मिला है। इनमें कुछ ऐसी आईडी भी शामिल बताई गई हैं, जिनका इस्तेमाल स्कूलों और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले ईमेल भेजने में किया गया।
एटीएस की जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्की, मिस्र और अमेरिका समेत कई देशों में बैठे लोगों को फर्जी पहचान से बनाई गई ईमेल आईडी बेचता था। इसके बदले बिनांस क्रिप्टो वॉलेट के माध्यम से भुगतान लेने का आरोप है। एजेंसी को उसके मोबाइल और लैपटॉप से विदेशी संपर्कों तथा क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन से जुड़े साक्ष्य भी मिले हैं।
धमकी भरे ईमेल की जांच से खुला मामला
एटीएस के अनुसार, जांच एजेंसी को सूचना मिली थी कि “simenbriones9265@gmail.com” से नोएडा, दिल्ली और गुरुग्राम के स्कूलों को धमकी भरे ईमेल भेजे जा रहे हैं। इन ईमेल में खालिस्तान नेशनल आर्मी और बब्बर खालसा के नाम का इस्तेमाल किया गया था। इसके अलावा पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ के दिल्ली-एनसीआर में प्रस्तावित कार्यक्रम और एक चर्चित बॉलीवुड अभिनेता के घर पर धमाके की धमकी देने की बात भी सामने आई।
तकनीकी जांच में ईमेल के इस्तेमाल के तार कानपुर से जुड़ने के संकेत मिले। इसके बाद एटीएस ने जांच आगे बढ़ाई और 28 अक्टूबर को अंकित शंखवार को गिरफ्तार कर लिया।
2021 से फर्जी ईमेल आईडी बनाने का आरोप
पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह वर्ष 2021 से फर्जी ईमेल आईडी बनाने का काम कर रहा था। फेसबुक पर आईडी की खरीद-बिक्री करने वाले समूहों के माध्यम से उसने खरीदारों से संपर्क बनाया। बाद में उसका संपर्क विदेशों में बैठे लोगों से भी हो गया।
एटीएस के मुताबिक, आरोपी ईमेल आईडी के साथ पासवर्ड, रिकवरी ईमेल और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन से संबंधित जानकारी एक्सेल शीट में दर्ज करता था। इसके बाद यह विवरण व्हाट्सएप के जरिए खरीदारों को भेजे जाते थे। जांच में उसके मोबाइल से विदेशी नंबरों के संपर्क और बड़ी मात्रा में यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी के लेनदेन के साक्ष्य मिलने की बात कही गई है।
बांग्लादेशी नागरिक को छह हजार यूएसडीटी में आईडी बेचने का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, अंकित की पहचान बांग्लादेशी नागरिक अलामीन इस्लाम उर्फ अलामीन से फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए हुई थी। आरोप है कि अलामीन ने उससे फर्जी ईमेल आईडी खरीदी और इसके बदले छह हजार यूएसडीटी का भुगतान किया।
एटीएस की जांच में “simenbriones9265@gmail.com” आईडी अलामीन को भेजे जाने की बात सामने आई है। इसी आईडी से 12 अक्टूबर को नोएडा के स्कूलों और अन्य स्थानों पर धमकी भरे ईमेल भेजे जाने की जानकारी मिली। इसके अलावा “smithjohnson6889@gmail.com” से 23 अक्टूबर को मुंबई के मेयर कार्यालय को बम धमाके की धमकी भेजे जाने का मामला भी जांच के दायरे में है।
एजेंसी के मुताबिक, दोनों ईमेल आईडी से संबंधित पासवर्ड, रिकवरी ईमेल और ऑथेंटिकेशन कोड व्हाट्सएप पर भेजे जाने के साक्ष्य भी मिले हैं।
लैपटॉप और मोबाइल बरामद, अन्य लोगों की तलाश
एटीएस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किया है। लैपटॉप में मिली एक्सेल फाइलों में करीब पांच लाख ईमेल आईडी तथा उनसे संबंधित पासवर्ड और रिकवरी संबंधी जानकारियां दर्ज होने की बात सामने आई है। एजेंसी के अनुसार, इन आईडी का इस्तेमाल प्रॉक्सी सर्वर के जरिए फर्जी पहचान से ईमेल भेजने के लिए किया जाता था।
मामले में एटीएस थाना लखनऊ में संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद पुलिस कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी की जा रही है। एटीएस अब धमकी भरे ईमेल भेजने, फर्जी आईडी खरीदने-बेचने और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
फिलहाल मामले में जांच जारी है और आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।


