होमगार्ड भर्ती मेडिकल में धांधली की जांच तेज, बैंक खातों की पड़ताल करेगी पुलिस

होमगार्ड भर्ती मेडिकल में धांधली की जांच तेज, बैंक खातों की पड़ताल करेगी पुलिस

डॉक्टरों ने कितने अभ्यर्थियों से वसूली रकम, पता लगाएगी पुलिस; पैनल में बदलाव और कर्मचारियों की भूमिका की भी होगी जांच

कानपुर। होमगार्ड भर्ती परीक्षा के मेडिकल चेकअप में कथित धांधली की जांच तेज हो गई है। पुलिस अब पता लगाएगी कि आरोपी डॉक्टरों ने कितने अभ्यर्थियों से कितनी रकम वसूली और यह पैसा किन-किन बैंक खातों में ट्रांसफर हुआ। इसके लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) और कोटक महिंद्रा बैंक से जानकारी मांगी गई है। मेडिकल के लिए गठित डॉक्टरों के पैनल में ऐन वक्त पर बदलाव किए जाने की वजह भी जांच के दायरे में है। इस संबंध में पुलिस एसीएमओ से पूछताछ करेगी।

जांच में मेडिकल चेकअप के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और होमगार्डों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस यह पता लगा रही है कि प्रतिबंध के बावजूद अभ्यर्थियों तक मोबाइल फोन कैसे पहुंचे और परीक्षा स्थल पर उनके परिजन नकदी लेकर कैसे पहुंचे। इसके लिए होमगार्ड विभाग से ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की सूची मांगी गई है। पुलिस लाइन और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

15 अक्तूबर को अभ्यर्थियों ने किया था हंगामा

पुलिस लाइन में 15 अक्तूबर को होमगार्ड भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच और मेडिकल चेकअप किया जा रहा था। पहले दिन 200 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी की ओर से मेडिकल परीक्षण के लिए चार-चार सदस्यीय दो डॉक्टरों के पैनल गठित किए गए थे। इनमें डॉ. प्रवीण, डॉ. महेश द्विवेदी और डॉ. देवेंद्र सिंह राजपूत भी शामिल थे।

रात करीब आठ बजे अभ्यर्थियों ने डॉक्टरों पर नाक टेढ़ी और आंखों में दिक्कत बताकर मेडिकल में पास कराने के नाम पर रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। मामले में कोतवाली पुलिस ने होमगार्ड इंस्पेक्टर सुधांशु सिंह की तहरीर पर डॉ. प्रवीण कुमार, उनके ड्राइवर अजीत कुमार, डॉ. महेश कुमार द्विवेदी, डॉ. देवेंद्र सिंह राजपूत और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

कोर्ट ने डॉ. प्रवीण कुमार और डॉ. महेश कुमार की 14 दिन की न्यायिक रिमांड मंजूर की थी। वहीं, ड्राइवर अजीत के खिलाफ लगाए गए आरोपों को पुलिस अदालत में साबित नहीं कर सकी थी, जिसके चलते उसकी न्यायिक रिमांड मंजूर नहीं हुई।

कई खातों में ट्रांसफर हुई रकम

एसीपी कोतवाली अमित कुमार पांडेय के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि अभ्यर्थियों ने डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. महेश द्विवेदी, अजीत, एजेंट सुजीत, बिरहाना रोड स्थित एक मेडिकल स्टोर संचालक और एक दुकानदार के खातों में रुपये ट्रांसफर किए थे। अभ्यर्थियों ने सबसे ज्यादा यूपीआई ट्रांजेक्शन एसबीआई और कोटक महिंद्रा बैंक के खातों में किए थे।

पुलिस अब संबंधित बैंक खातों के धारकों और 15 अक्तूबर को उनमें ट्रांसफर हुई रकम का ब्योरा जुटा रही है। इसके लिए दोनों बैंकों को पत्र भेजे गए हैं। जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किस अभ्यर्थी ने किस खाते में कितनी रकम भेजी थी।

मोबाइल और नकदी पहुंचने की भी जांच

एसीपी के मुताबिक, मेडिकल चेकअप के दौरान अभ्यर्थियों के बैग, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जमा करा लिए गए थे। इसके अलावा परीक्षा स्थल पर अभ्यर्थियों के परिजनों के आने की अनुमति भी नहीं थी। ऐसे में मोबाइल फोन अभ्यर्थियों तक कैसे पहुंचे और उनके परिजन नकदी लेकर परीक्षा स्थल तक कैसे पहुंचे, इसकी जांच की जा रही है।

इसके लिए होमगार्ड विभाग से ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की सूची मांगी गई है। पुलिस लाइन और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जुटाई जा रही है। एसीपी ने बताया कि डॉक्टरों के पैनल में ऐन वक्त पर बदलाव क्यों किया गया, इसकी पड़ताल के लिए एसीएमओ से पूछताछ की जाएगी। मामले में डॉ. देवेंद्र सिंह राजपूत की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है, जिसकी जांच की जा रही है।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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