रतनलाल स्टेडियम में शस्त्रोत्सव का भव्य आयोजन, शिव शक्ति अखाड़े के द्वितीय स्थापना दिवस पर दिखा शौर्य और परंपरा का संगम
श्रीमहंत मधुराम शरण शिवा महाराज के नेतृत्व में हुआ आयोजन, शस्त्र पूजन और प्रदर्शन के जरिए सनातन परंपराओं का किया गया प्रदर्शन; कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों और सहयोगियों के प्रति जताया आभार

कानपुर। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर शिव शक्ति अखाड़े के द्वितीय स्थापना दिवस और श्रीमहंत मधुराम शरण शिवा महाराज के संन्यास के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शनिवार को किदवई नगर स्थित रतनलाल स्टेडियम में भव्य शस्त्रोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शस्त्र पूजन, वैदिक मंत्रोच्चार और शस्त्र प्रदर्शन के माध्यम से भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं की झलक प्रस्तुत की गई। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं, संतों, अतिथियों और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला।
श्रीमहंत मधुराम शरण शिवा महाराज के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य सनातन परंपराओं, शौर्य और शस्त्र पूजन की सांस्कृतिक मान्यताओं के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में निहंग सरदारों, संन्यासियों और अन्य प्रतिभागियों की सहभागिता प्रस्तावित थी। आयोजन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शस्त्र पूजन तथा पारंपरिक शस्त्र प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की गई थी।
शस्त्र पूजन के साथ परंपराओं का संदेश
शिव शक्ति अखाड़े की स्थापना और महाराज जी के संन्यास के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम को धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया गया। आयोजकों के अनुसार, सनातन परंपरा में शस्त्र पूजन का विशेष महत्व है। इसके माध्यम से धर्म, साहस, आत्मरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से प्राचीन परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश भी दिया गया। आयोजन में संतों और धर्माचार्यों की सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष स्वरूप प्रदान किया।
अतिथियों और कार्यकर्ताओं के सहयोग से सफल हुआ आयोजन
कार्यक्रम के समापन के बाद श्रीमहंत मधुराम शरण शिवा महाराज जी ने शस्त्रोत्सव में शामिल होने वाले सभी सम्मानित अतिथियों, कार्यकर्ता बंधुओं और स्नेहीजनों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग, स्नेह और सहभागिता से आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान मिला।
महाराज जी ने आयोजन में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद करते हुए उनके प्रति कृतज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि अतिथियों और कार्यकर्ताओं का स्नेह एवं समर्थन संगठन की शक्ति है। सभी के सहयोग से ही इस तरह के धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बेहतर ढंग से आयोजित किया जा सकता है।
सनातन परंपराओं के संरक्षण पर जोर
शिव शक्ति अखाड़े के द्वितीय स्थापना दिवस पर आयोजित शस्त्रोत्सव ने धार्मिक परंपराओं, शस्त्र पूजन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश दिया। आयोजन के माध्यम से समाज को अपनी परंपराओं से जुड़ने और उनके महत्व को समझने का आह्वान किया गया।
श्रीमहंत मधुराम शरण शिवा महाराज जी ने सभी अतिथियों, कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं का पुनः आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग और आशीर्वाद बनाए रखने की अपेक्षा की।


