कानपुर में गुलाबी सर्दी का असर बढ़ा, रात का पारा सामान्य से 1.8 डिग्री नीचे
दिन में धूप से गर्मी, सुबह-शाम ठंडी हवाओं से राहत; पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में बढ़ सकती है ठंड
कानपुर। शहर में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। गुरुवार सुबह से खिली धूप के बीच ठंडी हवाओं ने लोगों को गर्मी से राहत दी। सुबह और शाम हल्की ठंडक महसूस हो रही है, जबकि दोपहर में तेज धूप के कारण गर्मी का एहसास हो रहा है। रात के तापमान में गिरावट के साथ ही गुलाबी सर्दी का असर बढ़ने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल दिन में गर्मी और सुबह-शाम ठंडक का मिला-जुला मौसम बना रहेगा।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि कानपुर में अभी उत्तर-पश्चिमी हवाओं का लगातार प्रभाव नहीं बन पाया है। हवा की दिशा कभी उत्तर-पश्चिमी तो कभी दक्षिण-पूर्वी होने के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। यही वजह है कि दिन और रात के मौसम में अंतर देखने को मिल रहा है। दिन में धूप निकलने से गर्मी महसूस होती है, जबकि सुबह और रात में तापमान कम होने से हल्की ठंडक बनी रहती है।
पहाड़ों पर बर्फबारी से बढ़ सकती है ठंड
डॉ. पांडेय के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होने पर आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिमी हवाएं गंगा के मैदानी क्षेत्रों में ठंड बढ़ा सकती हैं। इन हवाओं का लगातार प्रभाव बनने पर सुबह और रात के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। इससे लोगों को सुबह और देर रात सिहरन महसूस हो सकती है। हालांकि, फिलहाल दिन में धूप के कारण गर्मी का असर बना रहेगा।
सामान्य से 1.8 डिग्री कम रहा न्यूनतम तापमान
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) की ओर से बुधवार को जारी मौसम रिपोर्ट के अनुसार, शहर का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.1 डिग्री अधिक रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 16.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.8 डिग्री कम रहा।
अधिकतम सापेक्षिक आर्द्रता 91 प्रतिशत दर्ज की गई। सुबह हल्की ठंडक के बाद दिन में तेज धूप के कारण गर्मी महसूस हुई, जबकि शाम होते ही तापमान में गिरावट के साथ मौसम ठंडा हो गया।
किसानों को कटाई-मड़ाई जल्द पूरी करने की सलाह
मौसम वैज्ञानिक ने किसानों को खरीफ की फसलों की कटाई-मड़ाई जल्द पूरी करने और रबी की फसलों की बुवाई की तैयारी शुरू करने की सलाह दी है। मौसम में बदलाव को देखते हुए किसानों को कृषि कार्यों की योजना तापमान और स्थानीय मौसम की स्थिति के अनुसार बनाने की जरूरत है।

