नकली सीमेंट फैक्ट्री के चार आरोपी फरार, पुलिस कमिश्नर ने पनकी थाना प्रभारी को लगाई फटकार
तीन साल से एसीसी-अंबुजा के नाम पर नकली सीमेंट सप्लाई करने का आरोप, छापेमारी में 1000 से अधिक भरी और 3000 से ज्यादा खाली बोरियां मिली थीं
कानपुर। पनकी के इस्पात नगर में एसीसी और अंबुजा सीमेंट के नाम पर नकली सीमेंट बनाने वाली फैक्ट्री के चार आरोपियों को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इनमें फैक्ट्री संचालक दो सगे भाई और मेरठ के दो साझेदार शामिल हैं। पुलिस कमिश्नर की फटकार और जल्द गिरफ्तारी के निर्देश के बावजूद आरोपियों का सुराग नहीं लग सका है। मंगलवार को पनकी थाने के निरीक्षण के दौरान पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने मामले में कार्रवाई की प्रगति पूछी और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर थाना प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई।
फैक्ट्री में छापेमारी के दौरान पुलिस को एसीसी और अंबुजा सीमेंट के नाम की एक हजार से अधिक भरी बोरियां, तीन हजार से ज्यादा खाली बोरियां और बड़ी मात्रा में खुली सीमेंट मिली थी। पुलिस ने मौके से फैक्ट्री में काम करने वाले मुंशी राहुल को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ में फैक्ट्री संचालकों और उनके साझेदारों के नाम सामने आए थे।
तीन साल से नकली सीमेंट तैयार करने का आरोप
जांच में सामने आया कि फैक्ट्री में करीब तीन साल से नकली सीमेंट तैयार कर विभिन्न शहरों में सप्लाई की जा रही थी। आरोप है कि नामी कंपनियों के ब्रांड की बोरियों में सीमेंट भरकर उसे असली बताकर बाजार में खपाया जाता था। मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि नकली सीमेंट की सप्लाई सीएम ग्रिड, लखनऊ एयरपोर्ट समेत कई निर्माण कार्यों में की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि विवेचना और गिरफ्तारी में लापरवाही सामने आने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान पुलिस कमिश्नर ने लगाई फटकार
मंगलवार को पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल पनकी थाने का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान नकली सीमेंट फैक्ट्री से जुड़े चार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने का मामला सामने आया। इस पर उन्होंने थाना प्रभारी को फटकार लगाते हुए कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए।
थाना प्रभारी ने जवाब में बताया कि आरोपियों की तलाश में मेरठ समेत अन्य स्थानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस कमिश्नर ने निर्देश दिए कि संभावित ठिकानों पर प्रभावी कार्रवाई कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। इसके बावजूद खबर लिखे जाने तक चारों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।
कंपनी के अधिकारी की शिकायत पर हुई थी छापेमारी
अदाणी ग्रुप की कानपुर शाखा के सीनियर सेल्स मैनेजर मुमताजुल हक की शिकायत पर पुलिस ने पनकी के इस्पात नगर स्थित फैक्ट्री में छापेमारी की थी। यहां एसीसी और अंबुजा सीमेंट के नाम पर नकली सीमेंट तैयार किए जाने का आरोप सामने आया था। पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में सीमेंट और खाली-भरी बोरियां बरामद करने के बाद फैक्ट्री को सील कर दिया था।
कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किए गए मुंशी राहुल से पूछताछ में फैक्ट्री संचालकों के रूप में नीरज गुप्ता और उसके भाई धीरज गुप्ता के नाम सामने आए। आरोप है कि दोनों पिछले करीब तीन साल से एसीसी और अंबुजा सीमेंट के डिस्ट्रीब्यूटर भी थे और इसी कारोबार की आड़ में नकली सीमेंट तैयार कर विभिन्न शहरों में सप्लाई की जा रही थी।
मेरठ के दो साझेदारों की भी तलाश
पुलिस की जांच में मेरठ निवासी सुनील मित्तल और निशांत मित्तल के नाम भी साझेदारों के रूप में सामने आए हैं। पुलिस इन दोनों के साथ फैक्ट्री संचालक नीरज और धीरज गुप्ता की तलाश कर रही है।
अब जांच का अहम पहलू यह है कि नकली सीमेंट की सप्लाई किन-किन शहरों और निर्माण परियोजनाओं तक हुई। सीएम ग्रिड और लखनऊ एयरपोर्ट के निर्माण कार्यों में कथित तौर पर नकली सीमेंट इस्तेमाल किए जाने के आरोपों की भी जांच की जरूरत है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।


