बिल्हौर में संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे 217 फरियादी, 10 शिकायतों का मौके पर निस्तारण
भूमि विवाद, अवैध कब्जे और चकमार्ग से जुड़े मामलों में अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कराया समाधान
कानपुर नगर। बिल्हौर तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 217 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 10 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष 207 प्रार्थना पत्र आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को सौंपे गए।
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान राजस्व संबंधी कई मामलों का मौके पर समाधान कराया गया। ग्राम गढ़ी में खेत में मिट्टी डालने को लेकर चल रहे विवाद का सीमांकन कर निस्तारण किया गया। ग्राम रोगांव में भूमि पर कब्जे की शिकायत पर राजस्व टीम ने कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता को कब्जा दिलाया। ग्राम आंकियन में चकमार्ग खुलवाया गया, जबकि ग्राम महराजपुर में मेड़ को लेकर दो पक्षों के बीच चल रहे विवाद को आपसी सहमति से सुलझाया गया।
इसी क्रम में ग्राम अनूपपुर में विरासत दर्ज कराई गई तथा ग्राम अमिलिहा में खतौनी में अमलदरामद से संबंधित शिकायत का निस्तारण किया गया। ग्राम मदारीरायगुमान में अवैध कब्जे की शिकायत पर ग्रामीणों और ग्राम प्रधान की मौजूदगी में सीमांकन कर कब्जा दिलाया गया। ग्राम डिडवाजामौली में भूमि से कब्जा हटवाया गया। वहीं, ग्राम सुभानपुर मुरादनगर में चकमार्ग का सीमांकन कर निशानदेही की गई तथा ग्राम उत्तरी में खतौनी में नाम गलत दर्ज होने की शिकायत का समाधान किया गया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनशिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतों की वास्तविक स्थिति की जांच कर नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जाए। भूमि विवाद, अवैध कब्जे और राजस्व संबंधी मामलों में मौके पर जाकर जांच करने तथा दोनों पक्षों को सुनने के बाद निष्पक्ष कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया।
समाधान दिवस में राजस्व विभाग से संबंधित सर्वाधिक 130 शिकायतें प्राप्त हुईं। इसके अलावा पुलिस विभाग की 38, विकास खंड और विद्युत विभाग की 16-16, आपूर्ति विभाग की चार, आंगनबाड़ी एवं समाज कल्याण विभाग की तीन-तीन, चकबंदी और अपर जिलाधिकारी (नगर) कार्यालय की दो-दो तथा खंड शिक्षा अधिकारी, वन विभाग और खाद्य निरीक्षक से संबंधित एक-एक शिकायत दर्ज की गई।
जिलाधिकारी ने शेष शिकायतों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन मामलों में स्थलीय जांच जरूरी है, उनमें मौके की स्थिति का सत्यापन करने के बाद ही रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक जे. जैन, डीसीपी पश्चिम कासिम आबिदी, उपजिलाधिकारी बिल्हौर मनीष कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


