जनशिकायतों के निस्तारण के लिए डीएम ने गठित की क्विक रिस्पॉन्स टीम
जमीन विवाद, अवैध कब्जे और चकरोड से जुड़े मामलों में मौके पर पहुंचेगी राजस्व-पुलिस की संयुक्त टीम
कानपुर नगर। जनता दर्शन में आने वाली गंभीर और संवेदनशील शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) का गठन किया है। राजस्व और पुलिस विभाग की छह सदस्यीय संयुक्त टीम शिकायतों की जांच के लिए मौके पर पहुंचेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य फरियादियों की समस्याओं का समयबद्ध और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि उन्हें एक ही शिकायत के निस्तारण के लिए बार-बार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार प्रत्येक कार्यदिवस में सुबह 10 बजे के बाद टीम पिछले दिन चिह्नित की गई संवेदनशील और तत्काल कार्रवाई योग्य शिकायतों के निस्तारण के लिए रवाना होगी। टीम में संबंधित क्षेत्र के नायब तहसीलदार को प्रभारी एवं नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा राजस्व निरीक्षक, दो क्षेत्रीय लेखपाल और पुलिस कमिश्नरेट की ओर से नामित दो पुलिसकर्मी शामिल रहेंगे।
टीम को मुख्य रूप से जमीन विवाद, मेड़बंदी, चकरोड, अवैध कब्जे और अनधिकृत निर्माण से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मौके पर दोनों पक्षों की मौजूदगी में राजस्व अभिलेखों की जांच, भूमि की पैमाइश और वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाएगा। जिन मामलों में देरी से विवाद बढ़ने या शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका होगी, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने टीम की प्रत्येक स्थलीय कार्रवाई की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए हैं। कार्रवाई की तथ्यपरक और संयुक्त हस्ताक्षर वाली विस्तृत रिपोर्ट उसी दिन शाम पांच बजे तक प्रस्तुत करनी होगी। इससे जांच की प्रक्रिया में पारदर्शिता और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी।
जिलाधिकारी ने बिल्हौर, घाटमपुर और नरवल के उपजिलाधिकारियों तथा तहसीलदारों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में इसी प्रकार की त्वरित निस्तारण टीम की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही अथवा दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


