रमेश यादव लूटकांड: पुलिस कमिश्नर ने संभाली कमान, 48 घंटे में खुलासे की उम्मीद
सीएम योगी के संज्ञान के बाद तेज हुई जांच, पुलिस की आठ टीमें जुटीं; आसपास के गांवों के संदिग्धों और हाल में जेल से छूटे अपराधियों की खंगाली जा रही लोकेशन

कानपुर। भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश मंत्री और बिधनू के पूर्व ब्लॉक प्रमुख रमेश सिंह यादव को बंधक बनाकर फार्म हाउस में हुई 34 लाख रुपये के जेवर और नकदी की लूट का मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने खुद मामले की कमान संभाल ली है। गुरुवार को उन्होंने अपने कैंप कार्यालय में रमेश यादव को बुलाकर करीब डेढ़ घंटे तक उनके बयान दर्ज किए और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस की आठ टीमें बदमाशों की तलाश में जुटी हैं। पुलिस का दावा है कि जांच में मिले सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल नंबरों के आधार पर अहम सुराग हाथ लगे हैं। सब कुछ ठीक रहा तो 48 घंटे के भीतर वारदात का खुलासा किया जा सकता है।
30 कैमरे लगे, लेकिन नहीं मिल सकी साफ फुटेज
सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के न्योरी स्थित फार्म हाउस में सोमवार रात नकाबपोश दो बदमाश घुस आए थे। आरोप है कि उन्होंने तमंचे के बल पर रमेश यादव को बंधक बना लिया और 34 लाख रुपये के जेवर व नकदी लूटकर फरार हो गए। फार्म हाउस में करीब 30 सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद पुलिस को शुरुआत में बदमाशों के जाने के दौरान का केवल एक कैमरे का फुटेज मिला था। यह फुटेज भी धुंधली थी।
फार्म हाउस में प्रवेश के स्थान पर लगा कैमरा खराब होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में पुलिस के सामने बदमाशों की पहचान करना चुनौती बना हुआ था। घटना के दौरान रमेश यादव के बंधक होने, मुंह पर कपड़ा बंधा होने और टेप लगे होने के बावजूद खुद मोबाइल फोन से ग्राम प्रधान व कर्मचारियों को सूचना देने के बिंदु भी जांच के दायरे में रहे।
तहरीर से लेकर घटना के घटनाक्रम तक उठे सवाल
मामले में रमेश यादव की जगह फार्म हाउस के केयरटेकर और न्योरी गांव के प्रधान रामनरेश यादव की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। शुरुआती जांच में घटनाक्रम से जुड़े कई बिंदुओं पर सवाल उठने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। जांच में लापरवाही के आरोप में पुलिस कमिश्नर ने मंगलवार को सेन पश्चिम पारा के इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह को निलंबित कर दिया था।
आसपास के गांवों के संदिग्धों की तलाश
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि गुरुवार शाम रमेश सिंह यादव को कैंप कार्यालय बुलाकर करीब डेढ़ घंटे तक उनके बयान दर्ज किए गए। पूछताछ के दौरान कई सवालों के जवाब मिले हैं, जिनसे घटना की पुष्टि करने में मदद मिली है। सीसीटीवी फुटेज और कुछ मोबाइल फोन नंबरों के आधार पर पुलिस बदमाशों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के आसपास रहने वाले संदिग्धों और हाल ही में जेल से छूटे अपराधियों की लोकेशन खंगाली जा रही है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस की आठ टीमें अलग-अलग बिंदुओं पर काम कर रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि जांच में मिले सुरागों के आधार पर जल्द ही वारदात का खुलासा किया जा सकेगा।


