होमगार्ड भर्ती के मेडिकल में वसूली का आरोप, पुलिस लाइन में हंगामा; दो डॉक्टरों समेत तीन हिरासत में

होमगार्ड भर्ती के मेडिकल में वसूली का आरोप, पुलिस लाइन में हंगामा; दो डॉक्टरों समेत तीन हिरासत में

नाक की हड्डी टेढ़ी और आंखों में कमी बताकर 10 से 50 हजार रुपये मांगने का आरोप, 15 अक्टूबर का मेडिकल निरस्त; ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की भी जांच

ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ प्रवीण और उनके ड्राइवर को गिरफ्तार किया गया

कानपुर। होमगार्ड भर्ती परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के मेडिकल परीक्षण में वसूली के आरोप को लेकर गुरुवार रात पुलिस लाइन में जमकर हंगामा हुआ। अभ्यर्थियों ने मेडिकल पैनल के डॉक्टरों पर अनफिट करने का डर दिखाकर रुपये मांगने का आरोप लगाया। इस दौरान एक डॉक्टर की कार में बैठे युवक को रुपये लेने का आरोप लगाकर अभ्यर्थियों ने पीट दिया और पुलिस के हवाले कर दिया। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच की तो ऑनलाइन खाते में रुपये ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने होमगार्ड कमांडेंट की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने दो डॉक्टरों समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। वहीं, हंगामे के बाद दो युवकों के फरार होने की बात भी सामने आई है।

होमगार्ड भर्ती के लिए कानपुर पुलिस लाइन में 15 से 29 अक्टूबर तक चयनित अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण कराया जाना है। गुरुवार को पहले दिन 200 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। मेडिकल परीक्षण के लिए सीएमओ की ओर से तीन सदस्यीय डॉक्टरों का पैनल गठित किया गया था। इसमें डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. महेश द्विवेदी और डॉ. देवेंद्र सिंह राजपूत शामिल थे। आरोप है कि मेडिकल परीक्षण के दौरान कुछ अभ्यर्थियों को नाक की हड्डी टेढ़ी होने और आंखों में समस्या बताकर अनफिट करने की बात कही गई। इसी के बाद रुपये मांगने के आरोप लगने लगे और रात करीब आठ बजे अभ्यर्थियों ने हंगामा शुरू कर दिया।

नाक की हड्डी टेढ़ी बताकर 10 से 15 हजार, आंखों के लिए 50 हजार मांगने का आरोप

अभ्यर्थियों का आरोप है कि मेडिकल पैनल में शामिल डॉक्टर नाक की हड्डी टेढ़ी होने और आंखों में कमी बताकर उन्हें अनफिट कर रहे थे। इसके बाद मेडिकल में फिट करने के नाम पर रुपये मांगे जा रहे थे। अभ्यर्थियों के मुताबिक, नाक की हड्डी टेढ़ी बताने पर 10 से 15 हजार रुपये और आंखों में दिक्कत बताने पर 50 हजार रुपये तक की मांग की गई। कुछ अभ्यर्थियों को एक कागज पर मोबाइल नंबर लिखकर दिया गया था। आरोप है कि उस नंबर पर संपर्क करने के बाद रुपये देने की बात कही गई।

अभ्यर्थियों ने दावा किया कि कई लोगों से ऑनलाइन भुगतान और नकद के रूप में रुपये लिए गए। कुछ अभ्यर्थियों ने एक डॉक्टर की कार में मौजूद ड्राइवर अजीत पर रुपये लेने का आरोप लगाया। बताया गया कि अजीत डॉ. महेश द्विवेदी के साथ रहता है। हंगामे के दौरान अभ्यर्थियों ने अजीत को पकड़कर पीट दिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की जांच में जुटी पुलिस

हंगामे की सूचना पर एसीपी कोतवाली अमित पांडेय और एसीपी कर्नलगंज अंजना दहिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने अभ्यर्थियों से पूछताछ की और लगाए गए आरोपों की जांच शुरू की। इस दौरान ऑनलाइन खातों में रुपये ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. महेश द्विवेदी और उनके ड्राइवर अजीत को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

अभ्यर्थियों ने पुलिस से ऑनलाइन भुगतान की जांच कराने की मांग की। उनका दावा था कि करीब 25 से 30 अभ्यर्थियों से रुपये लिए गए हैं। पुलिस अब आरोपों से जुड़े लेनदेन और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। हालांकि, वसूली के आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

कार में रखे कागज में नाम होने का आरोप, अभ्यर्थी को थप्पड़ मारने का दावा

हंगामे की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे मीडियाकर्मियों को शुरुआत में अंदर जाने से रोके जाने की बात भी सामने आई। बाद में कुछ मीडियाकर्मी अंदर पहुंचे और अभ्यर्थियों से बातचीत करने लगे। इसी दौरान कुछ छात्रों ने एक कार दिखाते हुए आरोप लगाया कि उसमें रखे कागज पर उन लोगों के नाम दर्ज हैं, जो रुपये दे चुके हैं।

सूचना पर एसीपी कोतवाली अमित पांडेय और कोतवाली थाना प्रभारी अरुण कुमार द्विवेदी पुलिस बल के साथ कार के पास पहुंचे। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने अभ्यर्थियों पर कार से बैग चोरी करने का आरोप लगाया। आरोप है कि इसके बाद कोतवाली थाना प्रभारी अरुण कुमार द्विवेदी ने एक अभ्यर्थी को थप्पड़ मार दिया और उसे पूछताछ के लिए अंदर ले गए। इस घटनाक्रम के बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।

कमांडेंट ने निरस्त किया पहले दिन का मेडिकल

हंगामे के बाद होमगार्ड कमांडेंट प्रीति शर्मा ने 15 अक्टूबर को होने वाला मेडिकल परीक्षण निरस्त किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निरस्त किए गए मेडिकल के लिए आगे की तारीख तय की जाएगी और अभ्यर्थियों को इसकी सूचना दी जाएगी। इस फैसले के बाद पहले दिन मेडिकल के लिए पहुंचे अभ्यर्थियों को वापस लौटना पड़ा।

अभ्यर्थियों ने लगाए गंभीर आरोप

अभ्यर्थी विनय कुमार ने बताया कि वह खुद होमगार्ड भर्ती में चयनित हुआ है। उसके मुताबिक, पुलिस लाइन में मेडिकल परीक्षण के दौरान अनियमितताएं होने लगीं, जिसके बाद अभ्यर्थियों ने विरोध किया। उसने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की नाक की हड्डी टेढ़ी बताकर उन्हें अनफिट करने की बात कही जा रही थी। विनय का दावा है कि करीब 200 अभ्यर्थियों में से 70 से 80 लोगों को इस आधार पर अनफिट बताने की बात सामने आई और रुपये की मांग की गई। एक अन्य अभ्यर्थी ने आरोप लगाया कि शुरुआती 10 से 12 लोगों का मेडिकल परीक्षण सामान्य तरीके से हुआ, लेकिन इसके बाद कुछ अभ्यर्थियों को नाक की हड्डी टेढ़ी होने की बात कहकर अनफिट करने की चेतावनी दी जाने लगी। अभ्यर्थी के मुताबिक, कुछ लोगों को मोबाइल नंबर देकर संबंधित व्यक्ति से संपर्क करने को कहा गया, जिसके बाद रुपये मांगे गए। उसने आरोप लगाया कि आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों से भी 40 से 50 हजार रुपये तक की मांग की जा रही थी। अभ्यर्थियों ने पुलिस से संबंधित डॉक्टरों और अन्य लोगों के बैंक खातों, ऑनलाइन भुगतान तथा पूरे मेडिकल परीक्षण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

41,424 पदों के लिए हुई थी भर्ती परीक्षा

उत्तर प्रदेश में होमगार्ड के 41,424 पदों पर भर्ती के लिए 25, 26 और 27 अप्रैल 2026 को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें 19 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा का परिणाम 29 जून 2026 को जारी किया गया, जिसमें 1,07,221 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन, शारीरिक परीक्षण और मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया चल रही है। कानपुर पुलिस लाइन में 15 से 29 अक्टूबर तक मेडिकल परीक्षण निर्धारित था। पहले ही दिन वसूली के आरोपों को लेकर हुए हंगामे के बाद मेडिकल निरस्त करना पड़ा। अब पुलिस मामले में दर्ज मुकदमे के आधार पर आरोपों की जांच कर रही है।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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