पनामा में फिर कांपी धरती, 6.1 तीव्रता के भूकंप से बढ़ी चिंता; पहले आए 7.7 के झटके से भारी नुकसान

पनामा में फिर कांपी धरती, 6.1 तीव्रता के भूकंप से बढ़ी चिंता; पहले आए 7.7 के झटके से भारी नुकसान

मध्य अमेरिकी देश पनामा में एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। मंगलवार सुबह आए 6.1 तीव्रता के भूकंप के बाद लोगों में चिंता बढ़ गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई पर आया। हालांकि, ताजा झटकों से हुए नुकसान को लेकर तत्काल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई। इससे पहले शुक्रवार को पनामा में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसके बाद लगातार आफ्टरशॉक यानी भूकंप के बाद के झटके महसूस किए गए। अधिकारियों के मुताबिक, पहले आए भूकंप के बाद 147 आफ्टरशॉक दर्ज किए गए थे। इनमें कुछ झटकों की तीव्रता 6.1 से 6.6 तक रही। लगातार धरती हिलने से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के साथ लोगों की सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।

पहले आए शक्तिशाली भूकंप के कारण पनामा के कई हिस्सों में मकानों, स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, सड़कों और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचा था। कुछ लोगों के मामूली रूप से घायल होने की खबर भी सामने आई थी। शुरुआती रिपोर्टों में किसी की मौत या लापता होने की सूचना नहीं थी। हालांकि, इमारतों को हुए नुकसान और लगातार आ रहे झटकों के कारण स्थानीय प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। दक्षिणी तटीय इलाकों में नुकसान अधिक बताया गया, जबकि राजधानी पनामा सिटी में भी कुछ इमारतें प्रभावित हुईं। प्रशासन ने प्रभावित समुदायों तक सहायता पहुंचाने और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आपातकालीन व्यवस्था लागू की। लगातार झटकों के बीच लोगों को सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई।

राहत कार्यों के लिए आपातकालीन व्यवस्था

पनामा सरकार ने भूकंप के बाद राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए आपातकाल की घोषणा की। राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने प्रभावित क्षेत्रों में सहायता पहुंचाने, संसाधनों का प्रबंधन करने और लोगों की जरूरतों का आकलन करने के लिए विशेष आयोग गठित करने के निर्देश दिए। सरकार का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर राहत कार्यों को प्रभावी बनाना है। इसके अलावा, प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए दान और राहत सामग्री एकत्र करने के केंद्र भी बनाए गए। राजधानी पनामा सिटी के उमर पार्क में एक संग्रह केंद्र स्थापित किया गया, जबकि प्रांतीय सरकारी कार्यालयों को भी सहायता जुटाने की जिम्मेदारी दी गई। प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों को तैयार रहने और जरूरतमंद समुदायों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाने पर जोर दिया।

भूकंप के कारण सार्वजनिक परिवहन और हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा। एहतियात के तौर पर राजधानी की दो मेट्रो लाइनों पर परिचालन रोक दिया गया था। देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा, हालांकि बाद में सेवाएं फिर शुरू कर दी गईं। अधिकारियों ने परिवहन व्यवस्था की सुरक्षा जांच और प्रभावित ढांचे का आकलन करने पर ध्यान केंद्रित किया। भूकंप के बाद कुछ मरीजों को अस्पतालों से सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा। राष्ट्रपति मुलिनो ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और पेनोनोमे में एक अस्पताल की स्थिति का जायजा लिया। वहां कुछ मरीजों को बाहर निकालकर खुले स्थान पर उपचार दिया गया। लगातार आफ्टरशॉक आने के कारण अस्पतालों और दूसरी सार्वजनिक इमारतों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई।

भारत ने पनामा के साथ जताई एकजुटता

भूकंप के बाद भारत ने पनामा की सरकार और वहां के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रभावित परिवारों और घायलों के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में पनामा के साथ खड़ा है। उन्होंने उन परिवारों के लिए भी प्रार्थना की, जिन्हें इस आपदा के कारण नुकसान और परेशानियों का सामना करना पड़ा है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी पनामा के प्रति एकजुटता व्यक्त की। इस संदेश को दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्राकृतिक आपदाओं के समय अंतरराष्ट्रीय समर्थन प्रभावित देशों के लिए राहत और पुनर्वास के प्रयासों में मनोबल बढ़ाने का काम करता है।

सुनामी की चेतावनी के बाद राहत

शक्तिशाली भूकंप के बाद अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने मध्य और दक्षिण अमेरिका के कुछ तटीय क्षेत्रों के लिए संभावित खतरे को लेकर चेतावनी जारी की थी। शुरुआती आकलन में कुछ स्थानों पर सुनामी लहरें उठने की आशंका जताई गई, लेकिन बाद में प्रणाली ने स्पष्ट किया कि अब सुनामी का खतरा नहीं है। इससे तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत मिली। भूकंप का केंद्र लॉस सैंटोस प्रांत में टोनोसी के उत्तर-पश्चिम में बताया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, शक्तिशाली भूकंप के बाद आने वाले आफ्टरशॉक कुछ समय तक जारी रह सकते हैं। ऐसे में क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहना, सुरक्षित स्थानों पर जाना और आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान देना जरूरी है। पनामा में अब प्रशासन के सामने राहत कार्यों को जारी रखने, नुकसान का पूरा आकलन करने और प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने की चुनौती है। ताजा 6.1 तीव्रता के झटके से हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी मिलने का इंतजार है।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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