नवरात्र में कूष्मांडा मंदिर परिसर में दोपहिया वाहनों की नो एंट्री
घाटमपुर में मेले को लेकर पुलिस ने तैयार किया सुरक्षा प्लान, सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ेगी; हर कैमरे के पास तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी
कानपुर। नवरात्र के दौरान घाटमपुर स्थित प्रसिद्ध कूष्मांडा मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और मेले को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा। मंदिर परिसर में दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। इसके साथ ही निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी और प्रत्येक कैमरे के पास पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। पुलिस का उद्देश्य श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के साथ भीड़ के बीच होने वाली परेशानियों को रोकना है।
एसीपी कृष्णकांत ने बताया कि नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दौरान कुछ लोग दोपहिया वाहन लेकर परिसर में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी होती है और भीड़ को नियंत्रित करने में भी दिक्कत आती है। इसी को देखते हुए इस बार दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।
दोपहिया वाहनों के लिए बनेगा अलग स्टैंड
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दोपहिया वाहनों को खड़ा करने के लिए अलग स्टैंड बनाया जाएगा। वहीं, चारपहिया वाहनों की पार्किंग पहले की तरह कानपुर रोड और भीतरगांव रोड के किनारे निर्धारित स्थानों पर कराई जाएगी। पुलिस का प्रयास रहेगा कि मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को वाहन खड़ा करने और पैदल आवागमन में परेशानी न हो।
तालाब के पीछे पावर स्टेशन की ओर जाने वाला गेट रहेगा बंद
मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तालाब के पीछे पावर स्टेशन की तरफ खुलने वाला गेट भी पूरी तरह बंद रखा जाएगा। इससे अनियंत्रित आवाजाही पर रोक लगाने और श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी।
सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी
इस बार मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। एसीपी के मुताबिक, प्रत्येक कैमरे के पास पुलिसकर्मी की तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी अव्यवस्था की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के साथ परिसर में श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी।
पिछले वर्षों से अधिक पुलिसकर्मियों की होगी तैनाती
नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए इस बार पिछले वर्षों की अपेक्षा अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। पुलिस प्रशासन का जोर भीड़ प्रबंधन, वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने पर रहेगा। मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने की तैयारी की जा रही है।

