11 नवंबर को उदय होंगे बुध, इन राशियों के लिए करियर और कारोबार में बनेंगे लाभ के योग
वैदिक ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क, व्यापार, गणना और संचार का कारक ग्रह माना जाता है। इसलिए बुध की स्थिति में होने वाले बदलाव का प्रभाव करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ने की मान्यता है। ज्योतिष के अनुसार जब कोई ग्रह सूर्य के अत्यधिक करीब पहुंच जाता है और उसकी दृश्यता समाप्त हो जाती है, तो उसे अस्त अवस्था कहा जाता है। वहीं सूर्य से पर्याप्त दूरी बनने के बाद ग्रह के दोबारा दिखाई देने को उदय माना जाता है। बुध इस समय अस्त अवस्था में हैं और करीब 17 दिनों बाद 11 नवंबर 2026 को सुबह 5:40 बजे दोबारा उदय होंगे। बुध के उदय होने को ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मान्यता है कि बुध के उदय होने के बाद कई राशि के जातकों के करियर में प्रगति के अवसर बन सकते हैं और कारोबार से जुड़े लोगों को नई संभावनाएं मिल सकती हैं। आर्थिक मामलों में भी सुधार के संकेत मिल सकते हैं। चंद्र राशि के आधार पर बुध के उदय का प्रभाव अलग-अलग राशि के जातकों पर अलग हो सकता है। खासतौर पर मेष राशि के जातकों के लिए यह समय कार्यक्षेत्र और आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव लेकर आने वाला माना जा रहा है। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और पदोन्नति के अवसर भी बन सकते हैं। लंबे समय से किसी अच्छे अवसर की तलाश कर रहे लोगों को सफलता मिल सकती है। कारोबारियों के लिए भी समय अनुकूल रहने की संभावना है और नई डील या व्यावसायिक समझौता लाभ का कारण बन सकता है। आय के नए स्रोत बनने और आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत भी मिल सकते हैं। बुध के उदय के दौरान वाणी और संचार से जुड़े क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को भी लाभ मिलने की संभावना जताई जाती है। हालांकि ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार किसी भी ग्रह के उदय का प्रभाव व्यक्ति की जन्मकुंडली में उसकी स्थिति, दशा और अन्य ग्रहों के प्रभाव पर निर्भर करता है। इसलिए इसे सामान्य ज्योतिषीय संकेत के रूप में ही देखा जाना चाहिए। बुध के उदय के बाद कार्यक्षेत्र में निर्णय लेते समय स्पष्टता, तर्क और संवाद को महत्व देना लाभकारी माना जाएगा।
25 अक्तूबर को अस्त होंगे बुध
ज्योतिषीय गणना के अनुसार बुध 25 अक्तूबर 2026 को शाम 6:31 बजे अस्त होंगे। इसके बाद करीब 17 दिनों तक अस्त अवस्था में रहने के बाद 11 नवंबर को सुबह 5:40 बजे उनका उदय होगा। बुध के अस्त और उदय होने की स्थिति का ज्योतिष में विशेष महत्व माना जाता है। उदय होने के बाद ग्रह की दृश्यता वापस आने के साथ उससे जुड़े कारकों में सक्रियता बढ़ने की मान्यता है। बुध बुद्धि, वाणी, व्यापार और संचार से संबंधित ग्रह माने जाते हैं, इसलिए इसका प्रभाव इन क्षेत्रों से जुड़े कार्यों पर देखा जाता है।
मेष राशि वालों को मिल सकते हैं नए अवसर
मेष राशि के जातकों के लिए बुध का उदय करियर और कारोबार के लिहाज से अनुकूल माना जा रहा है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी के साथ पदोन्नति का अवसर मिल सकता है। लंबे समय से अवसर की प्रतीक्षा कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। कारोबारियों को नई डील, समझौते या व्यावसायिक विस्तार का मौका मिल सकता है। आय में बढ़ोतरी और आर्थिक स्थिति मजबूत होने के भी संकेत हैं। हालांकि किसी भी बड़े वित्तीय निर्णय में सोच-समझकर आगे बढ़ना बेहतर रहेगा।

