पुतिन की चेतावनी: हमला हुआ, तो परमाणु बम से देंगे जवाब
मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बाल्टिक क्षेत्र में स्थित रूसी इलाके कलिनिनग्राद पर सीधे हमले की स्थिति में पश्चिमी देशों और नाटो को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि कलिनिनग्राद पर हमला किया जाता है तो रूस अपनी सुरक्षा के लिए सभी उपलब्ध हथियारों का इस्तेमाल करने का विकल्प रखता है। उनके बयान में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना का भी उल्लेख किया गया। पुतिन ने यह चेतावनी एक घंटे के भीतर दूसरी बार दी, जिसके बाद रूस और नाटो के बीच पहले से जारी तनाव को लेकर चिंता बढ़ गई है। रूस की ओर से नाटो को राजनयिक चेतावनी भेजे जाने की बात भी सामने आई है। मॉस्को का आरोप है कि नाटो की ओर से कलिनिनग्राद को अलग-थलग करने या उसकी घेराबंदी से संबंधित धमकियां दी जा रही हैं। हालांकि नाटो ने रूसी क्षेत्र के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई की योजना से इनकार किया है और रूस की ओर से परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से संबंधित बयानबाजी की आलोचना की है। यूक्रेन युद्ध के बीच रूस और नाटो के संबंधों में लगातार तनाव बना हुआ है। पुतिन ने साथ ही कहा कि रूस का किसी यूरोपीय देश पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन अगर पश्चिमी देशों की ओर से आक्रामक कार्रवाई की जाती है तो रूस उसका जवाब देने के लिए तैयार है। इस घटनाक्रम के बीच रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों पर भी चर्चा जारी है। पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शांति प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के प्रधानमंत्री रूस के साथ घनिष्ठ संबंधों के बावजूद यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने का मुद्दा लगातार उठाते रहे हैं। पुतिन के अनुसार, मोदी ने युद्ध रोकने और शांति का रास्ता निकालने से संबंधित कुछ अच्छे सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी उनके अच्छे मित्र हैं और दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध हैं, लेकिन इसके बावजूद वह हर मुलाकात में यूक्रेन युद्ध को जल्द समाप्त करने की आवश्यकता पर चर्चा करते हैं। पुतिन ने मोदी के रुख को संघर्ष समाप्त करने और बातचीत के जरिए समाधान तलाशने से जोड़ा। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत ने लगातार संवाद और कूटनीति के जरिए शांति का रास्ता तलाशने पर जोर दिया है। पुतिन के बयान से एक ओर रूस और नाटो के बीच तनाव का मुद्दा सामने आया है, वहीं दूसरी ओर युद्ध समाप्त करने के लिए विभिन्न देशों की ओर से किए जा रहे कूटनीतिक प्रयासों की चर्चा भी तेज हुई है।

