छात्रवृत्ति से कोई पात्र छात्र न रहे वंचित, दो दिन में आवेदन सत्यापित कराएं : डीएम

छात्रवृत्ति से कोई पात्र छात्र न रहे वंचित, दो दिन में आवेदन सत्यापित कराएं : डीएम

संस्थान स्तर पर आवेदन लंबित रहने पर तय होगी जिम्मेदारी, 10,233 आवेदन प्रक्रिया में
कानपुर। आर्थिक अभाव के कारण किसी पात्र छात्र-छात्रा की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने छात्रवृत्ति आवेदनों के समय से निस्तारण के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में पूर्वदशम् (कक्षा 9-10) एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजना की वर्चुअल समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि विद्यालय और कॉलेज छात्रवृत्ति आवेदनों को प्राथमिकता से निर्धारित समय सीमा में पूरा कराएं। संस्थान की लापरवाही से यदि कोई पात्र छात्र छात्रवृत्ति से वंचित होता है तो संबंधित प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए छात्रवृत्ति पढ़ाई जारी रखने में महत्वपूर्ण सहायता है। इसलिए किसी भी स्तर पर आवेदन लंबित रखने या सत्यापन में देरी की स्थिति नहीं आनी चाहिए। उन्होंने सभी संस्थानों को आवेदन प्रक्रिया समय से पूरी कराने के निर्देश दिए।
10,233 आवेदन संस्थानों में लंबित
समीक्षा के दौरान सामने आया कि कक्षा 9-10 के 5,967 और कक्षा 11-12 के 4,266 आवेदन अभी शैक्षणिक संस्थानों के स्तर पर प्रक्रिया में हैं। इनकी कुल संख्या 10,233 है। डीएम ने सभी लंबित आवेदनों का दो दिन के भीतर सत्यापन कर अग्रसारित करने के निर्देश दिए।
40 संस्थानों का मास्टर डाटा अपडेट नहीं
दशमोत्तर छात्रवृत्ति की समीक्षा में पाया गया कि 40 शैक्षणिक संस्थानों में छात्रवृत्ति पोर्टल पर मास्टर डाटा अपडेट करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। जिलाधिकारी ने इसे 26 सितंबर तक हर हाल में पूरा कराने को कहा।
वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति से वंचित रह गए छात्र-छात्राओं के मामलों में भी आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर आवेदन 28 सितंबर तक अग्रसारित करने के निर्देश दिए गए।
अधिक आवेदन लंबित रखने वाले विद्यालयों पर नजर
बैठक में कक्षा 9-10 और 11-12 के सबसे अधिक आवेदन लंबित रखने वाले विद्यालयों की भी समीक्षा की गई। इनमें जनसेवा इंटर कॉलेज प्रेमपुर, पं. गुरु प्रसाद गया प्रसाद इंटर कॉलेज, चौ. अयोध्या प्रसाद हायर सेकेंडरी स्कूल, यूनाइटेड एजूकेशन बिल्हौर, आयशा सिद्धिकी इंटर कॉलेज और हलीम मुस्लिम इंटर कॉलेज शामिल रहे। संबंधित संस्थानों को लंबित आवेदनों का तत्काल निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए।
कम आवेदन कराने वाले कॉलेजों की भी होगी समीक्षा
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने कहा कि कॉलेज स्तर पर छात्रवृत्ति संबंधी कार्य में लापरवाही पाए जाने या पात्र छात्र के छात्रवृत्ति से वंचित रहने पर संबंधित प्राचार्य अथवा प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने पिछले वर्ष की तुलना में कम छात्रवृत्ति आवेदन कराने वाले कॉलेजों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जिला विद्यालय निरीक्षक को दिए।
बैठक में डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी बीरपाल और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अमित प्रताप सिंह मौजूद रहे।

Pankaj

worldkhabarexpress.com

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