गंगा उफान पर, कानपुर बैराज पर 4.12 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज
अपस्ट्रीम में जलस्तर 114.670 मीटर, खतरे के निशान से महज 33 सेंटीमीटर नीचे; शुक्लागंज में भी चेतावनी स्तर पार
कानपुर नगर। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में नदियों में बढ़े पानी के बीच कानपुर में गंगा का जलस्तर एक बार फिर चिंता बढ़ाने लगा है। सोमवार सुबह कानपुर बैराज पर गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंच गया। बाढ़ नियंत्रण कार्यालय, एलजीसी कानपुर की ओर से 14 सितंबर की सुबह आठ बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार बैराज के अपस्ट्रीम में जलस्तर 114.670 मीटर और डाउनस्ट्रीम में 114.280 मीटर दर्ज किया गया। बैराज से इस समय 4,12,548 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है।
कानपुर बैराज पर गंगा का चेतावनी स्तर 114 मीटर, जबकि खतरे का निशान 115 मीटर निर्धारित है। सोमवार सुबह अपस्ट्रीम का जलस्तर खतरे के निशान से महज 0.330 मीटर यानी 33 सेंटीमीटर नीचे रह गया। वहीं चेतावनी स्तर की तुलना में जलस्तर 67 सेंटीमीटर अधिक दर्ज किया गया। ऐसे में गंगा किनारे के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखना जरूरी हो गया है।
खतरे के स्तर से अभी 1.32 लाख क्यूसेक कम डिस्चार्ज
बैराज पर खतरे के स्तर से संबंधित निर्धारित डिस्चार्ज 5,44,373 क्यूसेक है। सोमवार सुबह बैराज से 4,12,548 क्यूसेक पानी छोड़े जाने का आंकड़ा दर्ज किया गया। यानी खतरे के स्तर वाले डिस्चार्ज की तुलना में करीब 1,31,825 क्यूसेक कम पानी का बहाव है। हालांकि जलस्तर चेतावनी सीमा से ऊपर होने के कारण प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की निगरानी महत्वपूर्ण हो गई है।
शुक्लागंज में भी चेतावनी स्तर पार
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर शुक्लागंज क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है। सोमवार सुबह आठ बजे शुक्लागंज गेज पर नदी का जलस्तर 113.050 मीटर दर्ज किया गया। यहां चेतावनी स्तर 113 मीटर और खतरे का निशान 114 मीटर है। इस तरह शुक्लागंज में जलस्तर चेतावनी स्तर से 5 सेंटीमीटर ऊपर है, जबकि खतरे के निशान से करीब 95 सेंटीमीटर नीचे है।
शुक्लागंज और कानपुर बैराज के आसपास गंगा किनारे बसे निचले क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में निचले इलाकों में पानी पहुंचने की आशंका बनी रहती है।
हरिद्वार और नरौरा से भी छोड़ा जा रहा पानी
बाढ़ नियंत्रण कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार हरिद्वार बैराज से 74,532 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 64,283 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया है। गंगा के ऊपरी हिस्सों से आने वाले पानी और कानपुर बैराज पर बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आने वाले घंटों में नदी की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।
औरैया में यमुना का जलस्तर घटा
उधर औरैया में यमुना नदी की स्थिति फिलहाल राहत देने वाली है। सोमवार सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 104.480 मीटर दर्ज किया गया और रिपोर्ट में इसका रुझान घटता हुआ बताया गया है।
औरैया में यमुना का चेतावनी स्तर 112 मीटर और खतरे का निशान 113 मीटर है। वर्तमान जलस्तर चेतावनी स्तर से करीब 7.52 मीटर नीचे है। वहीं 6 अगस्त 2021 को दर्ज उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) 118.51 मीटर रहा था। सोमवार को औरैया में बारिश शून्य दर्ज की गई।
निचले इलाकों में बढ़ी सतर्कता
कानपुर बैराज पर गंगा का जलस्तर चेतावनी सीमा पार करने के बाद नदी किनारे के निचले क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से जलस्तर और डिस्चार्ज पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों की नजर इस बात पर है कि आने वाले घंटों में बैराज के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम जलस्तर में कितनी बढ़ोतरी या कमी होती है।
फिलहाल कानपुर बैराज का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन चेतावनी स्तर से ऊपर होने के कारण गंगा किनारे के संवेदनशील और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

