रायबकिना ने पहली बार US ओपन जीता, वर्ल्ड नंबर-1 बनीं
सबालेंका लगातार तीसरा खिताब जीतने से चूकीं, हार के बाद रैकेट तोड़ा
कजाकिस्तान की एलेना रायबकिना ने बेलारूस की एरिना सबालेंका को हराकर पहली बार US ओपन महिला सिंगल्स का खिताब जीत लिया।
न्यू यॉर्क के आर्थर ऐश स्टेडियम में शनिवार रात खेले गए फाइनल में रायबकिना ने सबालेंका को 6-4, 5-7, 6-2 से हराया।
पहले सेट में रायबकिना का दबदबा
पहले सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ, लेकिन रायबकिना ने अहम मौकों पर बेहतर खेल दिखाया और सेट 6-4 से अपने नाम कर लिया। इस दौरान गुस्से में गेंद स्टैंड की ओर मारने पर सबालेंका को चेतावनी भी मिली।
सबालेंका ने दूसरे सेट में की वापसी
दूसरे सेट में सबालेंका ने अपनी लय वापस हासिल की। उन्होंने रायबकिना पर लगातार दबाव बनाया और 5-5 के बाद ब्रेक हासिल कर सेट 7-5 से जीत लिया। इससे मुकाबला निर्णायक तीसरे सेट में पहुंच गया।
एलेना रायबकिना को पहले सेट में पहली सर्विस डालने में परेशानी हुई, लेकिन इसके अलावा उनका खेल अच्छी स्थिति में था।
तीसरे सेट में फिर हावी हुईं रायबकिना
निर्णायक सेट में रायबकिना ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने 5-2 की बढ़त बना ली। इसके बाद मैच पॉइंट पर जीत कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। फाइनल 2 घंटे 21 मिनट चला।
इस साल का दूसरा ग्रैंड स्लैम
रायबकिना ने इससे पहले 2022 में विंबलडन और 2026 में ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीता था। ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में भी उन्होंने सबालेंका को हराया था। US ओपन जीतने के बाद अब रायबकिना के पास करियर ग्रैंड स्लैम पूरा करने के लिए सिर्फ फ्रेंच ओपन का खिताब जीतना बाकी है।
चोट से जूझने के बाद हासिल की बड़ी सफलता
रायबकिना ओपन से पहले चोट की समस्या से जूझ रही थीं। इसके बावजूद उन्होंने न्यू यॉर्क में शानदार प्रदर्शन किया और पहली बार टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचकर खिताब जीत लिया। रूस में जन्मी रायबकिना अब कजाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करती हैं।
रायबकिना को करीब 46 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि
खिताब जीतने पर रायबकिना को 55 लाख डॉलर यानी करीब 46 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि मिली। वहीं, उपविजेता सबालेंका को 28 लाख डॉलर मिले।
रायबकिना ने जीत के बाद कहा कि उनके पास अपनी भावनाएं व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं। उन्होंने बताया कि वह पिछले 10 साल से न्यू यॉर्क आ रही हैं, लेकिन यहां उन्हें कभी ऐसी सफलता नहीं मिली थी।

