कानपुर में 90 फीट ऊंचे रावण का दहन, रंग-बिरंगी आतिशबाजी से जगमगाया आसमान
परेड रामलीला ग्राउंड में उमड़ा जनसैलाब, रावण की आंखों से निकले अंगारे और मुंह से निकली आग; सुरक्षा में तैनात रहे छह हजार पुलिसकर्मी

कानपुर। विजयादशमी के पर्व पर मंगलवार रात कानपुर में बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक रावण दहन धूमधाम से किया गया। शहर के ऐतिहासिक परेड रामलीला ग्राउंड में 90 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इस नजारे को देखने के लिए कानपुर के अलावा आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मैदान में देर रात तक लोगों की भीड़ जुटी रही और जय श्रीराम के जयकारों के बीच दशहरे का उत्सव मनाया गया।
रावण दहन से पहले रात 9:35 बजे आतिशबाजी शुरू हुई, जो करीब आधे घंटे तक चली। आसमान में रंग-बिरंगी आतिशबाजी की रोशनी बिखरती रही। इस दौरान भक्ति गीतों और जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। आतिशबाजी देखने के लिए मैदान में मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन में इन यादगार पलों को कैद किया।
रावण की आंखों से निकले अंगारे, मुंह से निकली आग
परेड रामलीला ग्राउंड में रावण का पुतला आकर्षण का केंद्र रहा। पुतले को विशेष तकनीक से तैयार किया गया था। रावण की आंखों से अंगारे निकलते दिखाई दिए, जबकि उसके मुंह से आग की लपटें निकलीं। इतना ही नहीं, रावण की गर्दन मैदान में घूमती रही। पुतले के इस अनूठे स्वरूप को देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे। आतिशबाजी और रावण दहन के दौरान मैदान में मौजूद लोगों ने उत्साह के साथ विजयादशमी का पर्व मनाया।
करीब 150 साल पुराने परेड रामलीला ग्राउंड में रावण दहन की परंपरा शहर के प्रमुख दशहरा आयोजनों में शामिल है। हर साल यहां होने वाले आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इस बार भी शहर और आसपास के जिलों से आए लोगों के कारण मैदान में उत्सव जैसा माहौल रहा।
चकेरी और जाजमऊ में भी हुआ रावण दहन
परेड के अलावा शहर के दूसरे इलाकों में भी दशहरा धूमधाम से मनाया गया। चकेरी स्थित नरेंद्र ग्राउंड में 55 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। वहीं, जाजमऊ की जेके कॉलोनी के सेंटर ग्राउंड में 56 फीट ऊंचे रावण का पुतला जलाया गया। इन स्थानों पर भी रावण दहन देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी। शहर के अलग-अलग इलाकों में आयोजित कार्यक्रमों में लोगों ने परिवार के साथ पहुंचकर दशहरे का उत्सव मनाया।
सुरक्षा के लिए छह हजार पुलिसकर्मी तैनात
दशहरा आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए। परेड रामलीला ग्राउंड में सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने के लिए करीब छह हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। इसके अलावा पीएसी की तीन कंपनियां और 700 ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था में लगाए गए।
अरमापुर और लालबंगला समेत शहर के अन्य इलाकों में भी पुलिस बल तैनात रहा। भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात सुचारु रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे। पुलिस की निगरानी के बीच शहर में विजयादशमी के आयोजन संपन्न हुए। दशहरे के इस पर्व पर रावण दहन के साथ लोगों ने बुराई, अहंकार और अधर्म पर अच्छाई, सत्य और धर्म की जीत का संदेश याद किया। रंग-बिरंगी आतिशबाजी, भक्ति गीतों और जय श्रीराम के उद्घोष के बीच कानपुर में विजयादशमी का उत्सव मनाया गया।


