दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, डिवाइडर तोड़कर पलटी थार; आगरा के तीन दोस्तों की मौत, दो घायल
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में रविवार तड़के दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। नागल क्षेत्र में बेलड़ा जुनारदार के पास गोल चक्कर पर तेज रफ्तार थार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए पलट गई। हादसे में आगरा निवासी तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि उनके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे तथा घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मृतकों की पहचान साहिल तिवारी (25), सक्षम उपाध्याय (22) और राहुल कुमार (24) के रूप में हुई है। तीनों आगरा के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले थे। हादसे की खबर से उनके परिवारों में शोक का माहौल है।
पुलिस के अनुसार, आगरा निवासी पांच दोस्त शनिवार रात करीब नौ बजे हरिद्वार जाने के लिए घर से निकले थे। सभी थार कार में सवार थे। रविवार तड़के करीब चार बजे जब उनकी गाड़ी सहारनपुर जिले में नागल क्षेत्र के बेलड़ा जुनारदार के पास गोल चक्कर पर पहुंची, तभी चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। तेज रफ्तार कार डिवाइडर को तोड़ते हुए पलट गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग घायल हो गए। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने सहायता के लिए पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
तीन परिवारों में पसरा मातम, युवकों की पहचान हुई
हादसे में जान गंवाने वाले साहिल तिवारी आगरा के शांतिनगर, कमला नगर के निवासी थे। सक्षम उपाध्याय रैनका बाग के रहने वाले थे, जबकि राहुल कुमार का घर आगरा के तेहड़ी बगिया क्षेत्र में था। तीनों की उम्र 22 से 25 वर्ष के बीच थी। दोस्तों के साथ हरिद्वार की यात्रा पर निकले युवकों की मौत की खबर से परिजनों और परिचितों को गहरा सदमा लगा। एक साथ तीन युवकों की जान जाने से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पुलिस ने मृतकों की पहचान की पुष्टि की है। हादसे के बाद परिजनों को सूचना दिए जाने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी किए जाने की कार्रवाई की गई।
दो साथी अस्पताल में भर्ती, उपचार जारी
दुर्घटना में घायल हुए युवकों की पहचान सचिन और हेमंत के रूप में हुई है। दोनों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। हादसे के समय कार में कुल पांच दोस्त सवार थे। तीन युवकों की मौत और दो के घायल होने से यह यात्रा एक बड़े हादसे में बदल गई। घायलों की स्थिति को लेकर विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। दुर्घटना के बाद पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। जांच के दौरान वाहन की गति, चालक का नियंत्रण खोने की परिस्थितियों और गोल चक्कर के आसपास की स्थिति जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जा सकता है।
तेज रफ्तार और लापरवाही बन सकती है जानलेवा
एक्सप्रेसवे पर तेज गति से वाहन चलाना गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। खासकर गोल चक्कर या सड़क के घुमाव वाले हिस्सों पर चालक को गति नियंत्रित रखने और वाहन पर पूरा ध्यान देने की जरूरत होती है। लंबी यात्रा के दौरान थकान भी वाहन चलाने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में सुरक्षित गति बनाए रखना, यातायात नियमों का पालन करना और चालक का सतर्क रहना बेहद जरूरी है। इस हादसे में कार के अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ने और पलटने की बात सामने आई है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सहारनपुर में हुआ यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। हरिद्वार की यात्रा पर निकले पांच दोस्तों में से तीन अब अपने परिवारों के बीच नहीं लौट सकेंगे, जबकि दो अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। पुलिस की जांच और घायलों के उपचार के बाद दुर्घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने की उम्मीद है।


